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बुधवा मुंडा भी पबारी पहाड़ के लिए दशरथ मांझी हैं

  • पबीरा पहाड़ के ऊपर बाबा बनखंडी धाम तक कोई रास्ता नहीं

  • खुद के बलबूते पर बना रहे हैं बजरंग बली की प्रतिमा भी

  • बाबा बनखंडी धाम तक रास्ते को सुगम बनाने में जुटे

संवाददाता

लापुंग: बुधवा मुंडा के परिश्रम को आप दशरथ मांझी की मेहनत से कम नहीं आंक सकते

हैं।  लापुंग प्रखंड के पबीरा पहाड़ के ऊपर बाबा बनखंडी धाम तक रास्ता नहीं रहने के

कारण मलगो गांव के बुधवा मुंडा ने पहाड़ो तक चढ़ने के लिए पहाड़ को तोड़ कर रास्ता

सुगम करने की बीड़ा उठाई है । उन्होंने अपने मित्रों और अपने परिवार वालों के साथ

मिलकर चट्टानों को तोड़कर समुद्र तट से 2233 फीट ऊंची शिखर तक श्रद्धालुओं और

पर्यटकों की सुविधा के लिए रास्ता सुगम करने में जुटे हैं । हालांकि यह काम आसान नहीं

है । बुधवा मुंडा के प्रतिज्ञा को पूरा करने में समाजसेवी बिरंची महतो समेत विजय महली,

प्यारी मुडाईन, सुकरो उराईन, दुलारी कुमारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । बुधवा मुंडा

सिर्फ रास्ता ही सुगम नहीं कर रहे हैं बल्कि पहाड़ के ऊपर बजरंगबली की प्रतिमा का

निर्माण भी करा रहे हैं ।

बुधवा मुंडा मुर्तिकार रवीन्द्र सिंह के माध्यम से बजरंग बली की प्रतिमा का निर्माण करने

में भी जुटे हैं । उल्लेखनीय है कि बाबा बनखंडी धाम का रास्ता अत्यंत दुर्गम है और पहाड़

के ऊपर अवस्थित होने के कारण अब तक यहां किसी तरह का कोई रास्ता नहीं बना हुआ

है।

बुधवा मुंडा के प्रयास से भक्त आसानी से पहुंच पायेंगे

सरकार का यहां किसी तरह का कोई नजर नहीं है । लोग काफी मुश्किल से पहाड़ पर

चढ़कर बाबा बनखंडी धाम का दर्शन करते हैं । बाबा बनखंडी धाम चारों ओर से पहाड़ों से

गिरे हुए शिखर पर गुफा में विराजमान भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने दूर-दूर से लोग

यहां आते हैं । बुधवा मुंडा का काम अत्यंत दुष्कर और कठिन है इसके बावजूद वे अपने

काम में जुटे हैं । बिरंची महतो ने कहा कि बाबा बनखंडी धाम लापुंग प्रखंड का अति प्राचीन

और खूबसूरत धार्मिक स्थल है । यहां लोग रांची गुमला और खूंटी जिले के लोग प्रत्येक

वर्ष आते हैं।

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