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ब्रिटिश शाही जोड़ा काजीरंगा में जानवरों की मौत पर दुखी

  • भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: ब्रिटिश शाही जोड़ा प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडलटन ने बाढ़ में

असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बुरी तरह तबाह हो जाने पर चिंता और निराशा

प्रकट की है। काजीरंगा में बाढ़ से हुई तबाही पर स्तब्ध हैं प्रिंस विलियम और केट

मिडलटन। काजीरंगा में इतने सारे जानवरों की मौत से परेशान हो गए और राष्ट्रीय

उद्यान निदेशक की पत्र लिखकर संवेदना जताई  है।बता दें कि इस साल तीन बार बाढ़

आने से इस उद्यान पर बहुत बुरा असर पड़ा है। फिलहाल उद्यान का 99 फीसद क्षेत्र

जलमग्न है और 12 गैंडों समेत 200 से ज्यादा जानवर जानवरों की मौत हो चुकी है। इसके

साथ ही कई लोगों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। इसे लेकर प्रिंस विलियम और केट ने

उद्यान के निदेशक पी शिवकुमार को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में ड्यूक और डचेस

ऑफ कैंब्रिज ने कहा कि मानसून की बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और उसके

वन्यजीवों की हुई तबाही से उनका हृदयव्यथित है। प्रिंस विलियम ने पत्र में लिखा है,

‘हमारी काजीरंगा की अप्रैल 2016 की यात्रा की कई खूबसूरत की यादें हैं और जो कुछ हुआ

है, उससे हम स्तब्ध हैं।’ उद्यान के अधिकारियों ने यह पत्र मीडिया को उपलब्ध कराया।

इस पत्र में प्रिंस विलियम ने लिखा है कि एक सींग वाले गैंडों समेत इतने जानवरों की मौत

बिल्कुल विचलित करने वाली है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी यात्रा से मालूम है कि

काजीरंगा के सभी समर्पित कर्मी उद्यान के वन्यजीवों की देखरेख में लगे रहते हैं और हम

बस कल्पना ही कर सकते हैं कि यह कितना मुश्किल भरा दौर है।

ब्रिटिश शाही जोड़ा ने अभयारण्य के कर्मचारियों की तारीफ की

प्रिंस विलियम ने लिखा है कि एक सिंग वाले गैंडों समेत इतने जानवरों की मौत बिल्कुल

विचलित करने वाली है। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी यात्रा से मालूम है कि काजीरंगा के सभी

समर्पित कर्मी उद्यान के वन्यजीवों की देखरेख में लगे रहते हैं और हम बस कल्पना ही

कर सकते हैं कि यह कितना मुश्किल भरा दौर है।’ उद्यान के निदेशक ने इस पत्र को

मनोबल बढ़ाने वाला बताया।पार्क निदेशक ने कहा कि उन्हें पत्र द्वारा गहराई से जाना

गया है, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के लिए दया और चिंता से भरा

है। इस पार्क में यह ब्रिटिश शाही जोड़ा पहले आ चुका है।


 

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