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बुस्टर डोज देने की नीति भारतवर्ष में अब निर्धारित अब हुई




बुस्टर डोज को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब जाकर केंद्र सरकार ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और किसी बीमारी वाले 60 साल से अधिक के लोगों को बूस्टर खुराक उसी टीके की लगाई जाएगी, जिसकी पहले दो खुराक लगी हैं।




यह घोषणा उस दिन की गई है, जब देश में कोविड के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। पिछले आठ दिनों में दैनिक मामले 6.3 गुना बढ़कर 58,000 पर और दैनिक संक्रमण दर 5 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजस्थान में एक व्यक्ति की ओमीक्रोन से मौत की पुष्टि की है। राष्ट्रीय कोविड कार्यदल के चेयरमैन और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा, यह प्रक्रिया शुरू करने के लिए सभी व्यवस्थाएं सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सरकार का पहली दो खुराकों के समान तीसरी खुराक को मंजूरी देने का कदम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए अच्छा है, जिसके पुणे स्थित संयंत्र में 50 करोड़ खुराकों का स्टॉक है।

कंपनी के सूत्रों ने कहा, इस समय पुणे संयंत्र में 25 करोड़ तैयार रासायनिक मिश्रण हैं, जबकि अन्य 25 करोड़ थोक स्थिति के हैं। हमें थोक भंडार को खुराकों में बदलने के लिए 80 दिनों की जरूरत होगी।

भारत बायोटेक ने कहा कि वह जनवरी में कोवैक्सीन की 8 करोड़ खुराक उत्पादित करना शुरू कर देगी ये खुराक बाजार में मार्च-अप्रैल के आसपास उपलब्ध हो जाएंगी। इस समय यह कंपनी हर महीने 5.5 से 6 करोड़ खुराकों का उत्पादन कर रही है। एहतियाती या तीसरी खुराक लगाने की 10 जनवरी से शुरुआत की जाएगी।

बुस्टर डोज पहले किन्हें मिलेगा यह पैमाना तय

करीब तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी एहतियाती खुराक लगवाने के लिए पात्र होंगे। भारत में 60 साल से अधिक उम्र के 13.8 करोड़ लोग हैं। वे अपनी दूसरी खुराक के 9 महीने पूरे होने के बाद तीसरी खुराक लगवाने के लिए पात्र होंगे।

बुजुर्गों का टीकाकरण मार्च 2021 में शुरू हुआ था। हालांकि भारत बायोटेक की कोविड टीकों की प्रोजेक्ट लीड रोसेस एल्ला ने सोमवार को कोविशील्ड (एस्ट्राजेनेका) टीके की तीसरी खुराक की प्रभाविता पर सवाल उठाया था।

एल्ला ने एक ट्वीट में कहा था कि निष्क्रिय और सबयूनिट टीके एकसमान या अलग-अलग बूस्टर के लिए सबसे उपयुक्त हैं। कोवैक्सीन और कोवोवैक्स जैसे टीके निष्क्रिय और सबयूनिट टीके हैं।

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रीन टेंपलटन कॉलेज में वरिष्ठ शोध फेलो शाहिद जमील ने हाल में कहा था कि जिन करीब 90 फीसदी भारतीयों को कोविशील्ड टीका लगा है, उनके लिए कोवोवैक्स सबसे अच्छा बूस्टर टीका होगा।




जिन लोगों को कोविशील्ड की दो खुराक लग चुकी हैं, उन्हें इसी टीके की बूस्टर खुराक लगाने से ज्यादा फायदा नहीं मिलने के आसार हैं। 15 से 17 साल तक के आयु वर्ग (2007 या उससे पहले जन्मे) लोगों का टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू हो गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस श्रेणी की 14 फीसदी पात्र आबादी को पहली खुराक लग गई है। अब तक के पूरे टीकाकरण में 88 फीसदी खुराक सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड की लगी हैं।

देश के 28 जिलों में साप्ताहिक संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक बनी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि आठ राज्य चिंता बनकर उभरे हैं। इससे संकेत मिलता है कि देश भर में मामले बढ़ रहे हैं।

सभी राज्यों में तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं

इन राज्यों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, झारखंड और गुजरात शामिल हैं। इनमें झारखंड और गुजरात को छोड़कर छह में इस समय सक्रिय मामले 10,000 से अधिक हैं।

ये केवल पिछले एक सप्ताह में ही दो से चार गुना हो गए हैं। पॉल ने कहा कि साफ तौर पर ओमीक्रोन की वजह से मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और सरकारी टीमें खास तौर पर शहरो में महामारी की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। देश में संक्रमण दर में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

यह 29 दिसंबर 2021 को 0.79 फीसदी थी, जो 5 जनवरी 2022 को बढ़कर 5.03 फीसदी हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, देश भर में मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन संक्रमित पहले की लहरों की तुलना में अस्पताल में कम भर्ती हो रहे हैं।

ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण नजर आ रहे हैं, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने गृह पृथकवास के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

मंत्रालय ने संक्रमित पाए जाने के बाद क्वारंटीन की अवधि 10 दिन से घटाकर 7 दिन कर दी है। इसमें बिना बुखार के तीन दिन शामिल हैं। होम आइसोलेशन की अवधि पूरी होने के बाद दोबारा जांच की कोई जरूरत नहीं है।



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