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बम विस्फोट के आरोपी की मां को आगे कर साजिश रच रहे हैं थानेदार

  • खबर छपी तो पत्रकार पर अपनी खीझ निकाल रहे हैं थानेदार

  • एफआइआर में पत्रकार को वहां मौजूद दर्शाया

  • होली के अवकाश की वजह से खबरें नहीं छपी

  • जानकार समझ रहे हैं कि यह सिर्फ साजिश है

दीपक नौरंगी

भागलपुरः बम विस्फोट की वह खबर स्थानीय मीडिया में प्रमुखता से स्थान नहीं पा सकी

थी। दरअसल उस समय होली का अवकाश होने की वजह से मीडिया संस्थानों में छुट्टी थी।

वीडियो में समझ लीजिए यह पूरा माजरा क्या है

लेकिन इसी होली अवकाश के बीच ही जब बम विस्फोट की घटना की जानकारी मिली तो

राष्ट्रीय खबर ने अपनी बेवसाइट के माध्यम से इसकी जानकारी जनता तक पहुंचायी थी।

अब पता चल रहा है कि उस रिपोर्ट ने किसी न किसी तरीके से थानेदार को परेशान किया

है। जिसका नतीजा है कि उस कांड के आरोपी की मां से कराये गये एक एफआईआर में

पत्रकार दीपक नौरंगी का नाम भी जोड़ दिया गया है। दरअसल इस प्राथमिकी में यह

दर्शाने की कोशिश की गयी है कि मार पीट की घटना के वक्त राष्ट्रीय खबर के ब्यूरो प्रमुख

दीपक नौरंगी भी घटनास्थल पर मौजूद थे। उस कांड में जो आरोपी है, उसकी मां की तरफ

से एक व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए एक एफआईआर दर्ज कराया गया है। जिसमें दीपक

नौरंगी को बतौर गवाह दर्शाया गया है। इसका मकसद घटना के वक्त दीपक नौरंगी के

वहां मौजूद होने के साक्ष्य को दस्तावेजों में दर्ज करना है। समझा जा सकता है कि हाल के

दिनों में बेलगाम होते अपराधों के बीच भागलपुर पुलिस के हाथ खाली है। नाथनगर रेलवे

ट्रैक पर बम की बरामदगी, सोना लूट कांड में भी अब तक कांड के अनुसंधान में कोई

तरक्की नहीं हो पायी है। अब जिस एफआईआर के जरिए थानेदार अपनी खीझ उतारने की

कोशिश कर रहे हैं, वह प्राथमिकी कई आंखों से गुजरी है। सभी ने माना है कि इस किस्म

की बातें कोई महिला नहीं कर सकती है।

बम विस्फोट की खबर होली की वजह से नहीं आयी थी

जिस खबर से थाना प्रभारी को नाराजगी हुई है वह होली और छोटी होली के अवकाश के

दिनों का है। बबरगंज के थाना प्रभारी पर पहले ही यह रिपोर्ट आ चुकी थी कि वरीय

अधिकारियों की मेहरबानी की वजह से थाना प्रभारी खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए

गैर जिम्मेदार आचरण किया करते हैं। वैसे इस बारे में सभी वरीय पुलिस अधिकारियों को

भी घटना की जानकारी दी गयी है। कानून के जानकार मानते हैं कि दरअसल थाना प्रभारी

की मंशा मार-पीट की घटना के वक्त राष्ट्रीय खबर के ब्यूरो प्रमुख दीपक नौरंगी को वहां

मौजूद दिखाने का साक्ष्य गढ़ना है। वरना शिकायत करने वाली महिला को किसका नाम

क्या है, यह कैसे पता हो सकता है।वैसे इन तमाम घटनाओँ की रिपोर्ट करने के लिए किसी

भी घटनास्थल पर पत्रकार खुद गया ही नहीं था, जिसके साक्ष्य घटना से संबंधित वीडियो

में मौजूद हैं। अब देखना है कि वरीय अधिकारी इस पूरे मामले की असलियत को जानते

हुए क्या कुछ कार्रवाई करते हैं।

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