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भाजपा का मिशन इलेक्शन : पांच राज्यों में चुनाव जीतने के लिए बनाया प्लान




अपने क्षेत्र में ज्यादा समय देंगे मंत्री, सांसद और विधायक
संघ, संगठन और सरकार मिलकर करेंगी काम
नड्डा ने इशारों-इशारों में कांग्रेस पर हमला किया
देश को लूटने वाली पार्टी को समर्थन नहीं मिलेगा
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : भाजपा का मिशन इलेक्शन प्रारंभ हो चुका है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजधानी इम्फाल में कहा कि भारत एक मजबूत देश बन गया है, देश की सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ देश के हर व्यक्ति को मिल रहा है। मणिपुर में आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और नड्डा इसी सिलसिले में गुरुवार को यहां पहुंचे।




नड्डा ने इशारों-इशारों में कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा- 60 साल तक देश को लूटने वाली पार्टी को आम लोगों का समर्थन नहीं मिलेगा। अब मोदी सरकार ने फैसला किया है कि 24 घंटे में सीमा पर पहुंचेंगे। पुलों और सड़कों का निर्माण किया गया है, ताकि सेना के जवान आसानी से एक जगह से दूसरे जगह पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच तनाव के दौरान सेना के जवान सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचने में सक्षम थे। चीन के साथ लगी सीमा पर काम जारी है, जिनमें संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की घोषणा के मुताबिक सेना के जवान दुश्मनों के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता ने आज बताया कि उपचुनाव के अच्छे परिणामों को देखने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नजर अब 2022 में होने वाले पांच राज्यों मणिपुर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब के विधानसभा चुनावों पर है। पार्टी के शीर्ष नेता लगातार इसको लेकर मंथन कर रहे हैं। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी इस पर मंथन हुआ। उन मसलों पर भी चर्चा हुई जो आने वाले चुनावों में भाजपा के खिलाफ जा सकते हैं, जैसे कि महंगाई, बेरोजगारी और कोरोना।

भाजपा का मिशन इलेक्शन सभी नेताओं की जिम्मेदारी

पार्टी के एक बड़े नेता ने कहा कि लगभग सभी राज्यों के नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व के सामने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। सबका यही कहना है कि कोरोना के चलते लोगों की बदली जिंदगी को भी जल्द से जल्द पटरी पर लाना होगा।

इसके लिए केंद्र स्तर पर बड़े और आम लोगों को राहत देने वाले फैसले लेने होंगे। उन्होंने आगे कहा, उपचुनाव के नतीजों से ये साफ है कि जनता का विश्वास भाजपा पर पहले की तरह कायम है। बस हमें उन्हें उनकी उन समस्याओं से राहत दिलाना है, जो कोरोना के समय उठी हैं।पार्टी के एक अन्य राष्ट्रीय नेता के अनुसार, पांचों राज्यों के चुनाव में दो बातों पर फोकस होगा।




पहला जनता के बीच केंद्र सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा और मोदी का चेहरा रखा जाएगा, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारों (जहां, भाजपा की सरकारें हैं) के अच्छे कामों की गिनती कराई जाएगी। अलग-अलग माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियों को आम जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। इसके लिए कई बिंदुओं में प्लानिंग की गई है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने आज बताया कि चुनाव वाले राज्यों में अगले छह महीने तक सबसे ज्यादा फोकस होगा। सभी सांसद और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में ज्यादा समय देने के लिए कहा गया है। केंद्रीय मंत्रियों का दौरा बढ़ेगा।

चुनावी राज्यों में केंद्रीय मंत्रियों का दौरा भी बढ़ेगा

चुनावी राज्यों में केंद्रीय मंत्रियों का ज्यादा कार्यक्रम लगेगा। जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां के राज्य मंत्रियों को भी अपने क्षेत्र के साथ-साथ आस-पास के विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस करने के लिए कहा गया है।

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सभी सांसदों, मंत्रियों और विधायकों से कहा है कि वह जहां भी जाएं पार्टी और सरकार के कामकाज का रिपोर्ट जनता के बीच रखें। बताएं कि सरकार ने आम जनता के लिए कौन-कौन सी योजनाएं शुरू की और उसका कितने लोगों को लाभ मिला।

भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के सुझाव और बिंदु काफी अहम होते हैं। संगठन और सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग ही ये सुनिश्चित करते हैं कि संघ के सुझावों को कैसे अमल में लाया जा सके।

ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा का मिशन के लिए जमीनी स्तर पर संघ ही मजबूत आधार और खाका बनाने का काम करती है। संघ से जुड़े बड़े बड़े व्यापारी, चिकित्सक, सीए व अन्य पेशेवर हस्तियां आम लोगों के बीच भाजपा के लिए माहौल तैयार करने का काम करते हैं। इनकी संख्या काफी ज्यादा होती है और इनका प्रभाव भी आम जनता पर काफी होता है।



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