fbpx Press "Enter" to skip to content

बड़ा तालाब नजर आने लगा घास का हरा भरा मैदान, सफाई व्यवस्था पूरी ठप

  • लॉकडाउन के बाद से सफाई व्यवस्था नाममात्र
  • थोड़ा सा इलाका खुला तो पक्षियों का डेरा लगा
  • तेजी से घटता जा रहा है तालाब का जलस्तर

रांची : बड़ा तालाब इस लॉकडाउन की अवधि में दोतरफा असर दिखा रहा है । तालाब में

सफाई व्यवस्था अब नाममात्र की है। इस कारण जलकुंभी निकालने का काम लगभग बंद

है। पिछले एक सप्ताह में इसी वजह से वहां जलकुंभी का आकार और आयतन करीब

चौगुणा बढ़ गया है। दूर से देखने पर यह हरा भरा किसी घास के मैदान जैसा दिखने लगा

है। बड़ा तालाब के ठीक बीच में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के नीचे के हिस्सों

पर जलकुंभियों ने अपना पैर पसारना जारी रखा है। कुछेक इलाकों में वे सीमेंट की नींव को

घेरते नजर आ रहे हैं। तालाब के चारों तरफ इसी दौरान गाजर घास भी तेजी से बढ़ रहे है।

अलबत्ता गाड़ियों की सफाई नहीं होने से तालाब पर हजारों पक्षियों का डेर हर वक्त लगा

रहता है। तालाब के पश्चिमी छोर पर जो थोड़ा सा खुला हुआ पानी का इलाका है, वहां यह

जलज पक्षी लगातार तैरते और उड़ते रहते हैं। जलकुंभी के बीच बगूले भी दर्जनों की संख्या

में रहते हैं। ध्यान से देखने पर यह भी नजर आ जाता है कि जलकुंभियों का जंगल बढ़ने

की वजह से तालाब का पानी सोखने की प्रक्रिया भी काफी तेज हो गयी है। नतीजा है कि

पिछले एक सप्ताह में यह जलस्तर करीब एक फीट नीचे जा चुका है। जलकुंभी से ढके

होने की वजह से यह आसानी से नजर नहीं आता। लेकिन घटते जलस्तर के निशान का

पता चल जाता है जो शुरुआती गर्मी के अनुसार एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

हिंदपीढ़ी में कर्फ्यू से आसपास के इलाके सन्नाटे

इसके पहले खेत मुहल्ले की तरफ थोड़ी बहुत दुकानदारी भी हो जाती थी। वहां फलों के दो

ठेले लगते थे। अब हिंदपीढ़ी में कर्फ्यू लगाने के फैसले के बाद इन दुकानों को भी हटा दिया

गया है। वहां सशस्त्र पुलिसबल तैनात कर दिये गये है। सिर्फ नागरमल मोदी सेवा सदन

की तरफ चहल पहल है, जहां अब मरीजों के परिजनों से ज्यादा एंबुलेंस वालों की भीड़ है।

वहां से निकलने वाले मरीजों के घर लौटने का अब यही एक साधन बचा है। इसी वजह से

सेवा सदन के बाहर दर्जनों की संख्या में एंबुलेंस लगे हुए हैं और रास्ते पूरे सन्नाटे पड़े है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Open chat