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भारती बी एड कॉलेज के तानाशाही के खिलाफ फूटा छात्र छात्राओं का गुस्सा

रांचीः भारती बी एड कॉलेज के तानाशाही के खिलाफ आजसू के नेतृत्व में छात्र छात्राओं ने

विश्वविद्यालय का घेराव किया। घेराव के दौरान छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय

प्रशासन के संवेदनहीनता एवं कॉलेज प्रशासन के तानाशाही के खिलाफ नारेबाजी की

ज्ञात हो कि भारती बी.एड. कॉलेज के द्वारा किये जा रहे छात्र छात्राओं के शोषण के

खिलाफ पूर्व में भी छात्र छात्राओं ने आवाज बुलंद किया था परंतु जैसे ही यह बात कॉलेज

प्रसाशन को पता चली तो उसने 20 से अधिक छात्र छात्राओं का नामांकन रद्द कर दिया है।

घेराव में शामिल छात्र छात्राओं ने कॉलेज प्रसाशन पर उन्हें अंधेरे में रख कर नियमविरूद्ध

नामांकन करने एवं विश्वविद्यालय के गाइडलाइन के विरुद्ध जाकर कई गुना ज्यादा

नामांकन एवं परीक्षा शुल्क लिए जाने की शिकायत की बार विश्वविद्यालय से की है।

परंतु विश्वविद्यालय निजी महाविद्यालय उनके अधिकार क्षेत्र में ना होने की बात कह

अपना पलड़ा झाड़ते रहा है। इसी का परिणाम है की आज दर्जनों छात्र छात्राओं का भविष्य

अंधकारमय हो गया है। नामांकन रद्द किए छात्र छात्राओं में 16-17 विद्यार्थी आदिवासी

परिवार से आते है जो बड़ी मुश्किल से शिक्षक बनने के लिए पढ़ाई हेतु संसाधन जुटा पाते

है। इन छात्र छात्राओं ने महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जातिसूचक शब्द के उपयोग कर

उन्हें अपमानित करने की बात भी कही है और इसके खिलाफ थाने में मामला भी दर्ज

कराया है।

भारती बी एड कॉलेज के खिलाफ आजसू ने मोर्चा खोला

उक्त मामले पर लंबे समय से इन छात्र छात्राओं की लड़ाई लड़ रहे आजसू के जमाल गद्दी

ने कहा कि विश्वविद्यालय की उदासीनता के कारण ही ये निजी महाविद्यालय छात्र

छात्राओं का निरंतर शोषण करते आये है। आज भारती बी.एड. कॉलेज के खिलाफ आवाज

उठाने के कारण बदले की भावना से 22 से अधिक छात्र छात्राओं पर कॉलेज प्रशासन ने

प्राथमिकी दर्ज कराया है जो छात्र छात्राओं की आवाज कुचलने का तनाशाही प्रयास है।

उन्होंने कहा कि आजसू हर मोर्चे पर इन छात्र छात्राओं के आवाज को उठाएगी एवं

महाविद्यालय के तानशाही के खिलाफ आवाज उठाते आयी है और आगे भी उठाते रहेगी।

आजसू ने विश्वविद्यालय से मांग किया है कि भारती बी.एड. कॉलज ओर लगे गंभीर

आरोपों को देखते हुए इस महाविद्यालय की मान्यता रद्द की जाए एवं छात्र छात्राओं को

न्याय दिया है। आजसू के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज वर्मा ने कहा कि यह राज्य का दुर्भाग्य है

कि छात्र छात्राओं को अपने शिक्षा के लिए भी आंदोलन करना पड़ रहा है एवं उसके

परिणाम स्वरूप उनके नामांकन को रद्द किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने

सोमवार को मामले का निपटारे का आश्वासन दिया है। ऐसा ना होने पर आजसू उग्र

आंदोलन करने को बाध्य होगी। आजसू के प्रदेश सचिव ओम वर्मा ने कहा कि आजसू

सदैव से शोषित एवं वंचित छात्र छात्राओं की आवाज बना है। इस मामले ने राँची

विश्वविद्यालय सहित राज्य में संचालित तमाम निजी महाविद्यालय के कार्यप्रणाली पर

सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले ने राज्य में शिक्षा के बाजारीकरण रूपी चहेरे

को सामने ला दिया है जी अत्यंत चिंतनीय है।

घेराव कार्यक्रम में छात्रों के अलावा आजसू नेता भी शामिल

आज के इस घेराव में मुख्य रूप से नीरज वर्मा, ओम वर्मा, ज्योत्सना केरकेटा, अभिषेक,

राहुल तिवारी, विजय महतो, इनायत खान, जमाल गद्दी, सुनीता मुंडा, अल्का कुमारी,

पार्वती तिग्गा, अंजना तिर्की, लक्ष्मी कुमारी, पुनूम खलखो, निभा तिर्की, जयंती कच्छप,

आरती कुमारी, निशु तिग्गा आदि उपस्थित थे।

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