fbpx Press "Enter" to skip to content

भागलपुर की राजनीति गरमायी विधायक और उप महापौर के बयानों से

  • उप महापौर ने कहा चुनाव करीब आने की वजह से विधायक का बयान

  • सामाजिक संगठनों ने कहा उप महापौर को अपना गिरेवां झांकना चाहिए

  • खुद अजीत शर्मा ने कहा वह सिर्फ आम जनता को गंभीरता से लेते हैं

प्रतिनिधि

भागलपुरः भागलपुर की राजनीति गरमायी हुई है। विधायक और उप महापौर का

राजनीतिक बयान पूरे इलाके की राजनीति को मथने लगा है। दरअसल यह शराब बेचने

की अनुमति दिये जाने के बाद से ही अंदर से धुआं निकलने का आसार नजर आने लगे थे।

वीडियो में देखिये और समझिये पूरे घटनाक्रम को

आज विधायक का बयान आने के बाद सोशल मीडिया पर उप महापौर राजेश वर्मा का

बयान चर्चा में आ गया। इस मुद्दे पर बयानबाजी से यह भी स्पष्ट हो गया कि इसका असर

आने वाले विधानसभा चुनाव तक भागलपुर की राजनीति में कायम रहेगा।

विधायक अजीत शर्मा के बयान के बाद भागलपुर के उप महापौर राजेश वर्मा मैदान में

नजर आये। उन्होंने इशारों ही इशारों में विधायक अजीत शर्मा के बयान को राजनीति से

प्रेरित बताया और इसका रिश्ता आने वाले दिनों के विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने

बचते हुए भी यह साफ कर दिया कि दरअसल विधायक ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान

कोई काम नहीं किया है। इसलिए अब वे अपने घर में बैठकर सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं।

वैसे इस मुद्दे पर स्पष्ट तौर पर उनकी तरफ से आरोप लगाने जाने के सवाल पर उन्होंने

कहा कि वह सिर्फ स्थानीय लोगों की भावना को सामने लाने का काम कर रहे हैं। लेकिन

उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ ही सारी बातें कर रहे हैं

और अपने बयान पर कायम हैं।

भागलपुर की राजनीति गरमायी तो दूसरे भी मैदान में

इस बयानबाजी के दौर में कई सामाजिक संगठन के लोग भी मैदान में उतरते हुए नजर

आने लगे हैं। कुछेक लोगों ने कैमरे के सामने और कुछ ने कैमरे से अलग इस बारे में

बयान दिये हैं। लेकिन कैमरे के सामने आये बयान के मुताबिक लोग उप महापौर के

बयान को गलत मानते हैं। लोगों ने साफ तौर पर कहा एक अपने इलाके के पार्षद होने के

नाते राजेश वर्मा को वहां के हाल पर अपनी बात सबसे पहले रखनी चाहिए। लोगों ने कहा

कि वह तो सिर्फ एक पार्षद हैं और जोड़-तोड़ की राजनीति कर उप महापौर बने हुए हैं।

विधायक के बयान का विरोध करने के बदले उन्हें तो बेहतर विकल्प और उनके द्वारा

किये गये प्रयासों की जानकारी देनी चाहिए। दरअसल ऐसा नहीं कर वह सिर्फ भागलपुर के

विधायक अजीत शर्मा पर बयान इसलिए भी लगा रहे हैं ताकि नगर निगम की काली

करतूतों पर पर्दा डाल सकें। लोगों ने इसी क्रम में नगर निगम में पैसे की वसूली की बात

भी कैमरे पर कह दी।

देर रात खुद श्री शर्मा ने भी अपनी बात रखी

इस विवाद के तूल पकड़ लेने के बाद देर रात विधायक अजीत शर्मा से भी संपर्क किया

गया। उन्होंने कहा कि इस बयान पर राय देने से पहले वह कोरोना के खतरे की तरफ

अपनी बात रखना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि भागलपुर में आने वालों की पहले तो सीमा पर

जांच की जाती है। फिर सारी औपचारिकता पूरी होने के बाद उन्हे क्वारेंटीन में रखा जाता

है। वहां 14 दिन रहने के बाद जब आदमी अपने घर चला जाता है तो यह रिपोर्ट आती है

कि वह कोरोना पॉजिटिव है। इससे साफ हो जाता है कि दरअसल बिहार के अफसर जांच

के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। इसलिए सरकार को खतरे को टालने के लिए जांच

की प्रक्रिया को और मजबूत और तेज बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

श्री शर्मा ने भागलपुर के उप महापौर के बयान पर कहा कि पार्षद के बयान पर राय देना

उनके लिए उचित नहीं होगा। लेकिन उप महापौर ने चूंकि बयान दिया है तो यह बता देना

जरूरी है कि वह भागलपुर की जनता के प्रति जवाबदेह हैं। किसी राजनीतिक व्यक्ति के

बयान की उन्हें कोई चिंता नहीं है। अगर भागलपुर का कोई आम नागरिक कुछ बोलता है

तो उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह संबंधित नागरिक की समस्या को समझें और

उसका निराकरण करें। रही बात उप महापौर और पार्षद की तो उन्हें पहले अपने अपने

इलाकों में कोरोना मुक्ति और संक्रमण रोकने के लिए उनके द्वारा किये गये प्रयासों के

बारे में स्थानीय जनता को बताना चाहिए।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Open chat