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भागलपुर में भी लॉक डाउन का उड़ा रहे थे मजाक पुलिस सक्रिय हुई

दीपक नौरंगी

भागलपुरः भागलपुर में भी लॉक डाउन के हल्के में लेने की सूचनाओं के बाद पुलिस ने

मजबूरी में सख्ती बरती है। कोरोना वायरस के संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए

ही लोगों के अपने घरों में और एक दूसरे से दूर रहने की सोच के साथ पूरे बिहार में यह

व्यवस्था लागू की गयी है। लॉक डाउन का मकसद लोगों को भीड़ से बचाना और लोगों के

माध्यम से संक्रमण को और अधिक फैलने से रोकना ही है।

यह तय है कि पहले से संक्रमित लोगों के जाने अनजाने संपर्क में आने की वजह से अनेक

लोगों तक यह संक्रमण पहुंच गया है।

उल्लेखनीय है कि जर्मनी में अचानक से कोरोना पीड़ित रोगियों की संख्या में जबर्दस्त

इजाफा हुआ है। वहां अब तक तीस हजार से अधिक लोग इस वायरस के संक्रमण से ग्रस्त

पाये गये हैं। इनमें से अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक 130 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिहार में भी संक्रमण की संभावित रोगियों का पता चलने के बाद पूरे राज्य में संक्रमण को

और अधिक फैलने से रोकने के लिए ही लॉक डाउन के नियम को लागू किया गया है।

भागलपुर में भी लॉक डाउन लागू होने के बाद भी लोगों ने अपने अनुशासित होने का कोई

परिचय नहीं दिया। सारी परिस्थितियों से अवगत होने के बाद भी अनेक लोग अपने अपने

घरों से निकले और यूं ही सड़कों पर मंडराते नजर आये।

भागलपु में भी लॉक डाउन पर पुलिस का हस्तक्षेप (देखें वीडियो)

भागलपुर में भी लॉक डाउन के दौरान रेलवे स्टेशन के आस पास के इलाकों का दौरा करने

के दौरान यही नजारा देखने को मिला। इस बारे में पुलिस प्रशासन तक जब सूचना पहुंची

तो घटनास्थल पर खुद वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती और सीटी डीएसपी राजवंत

सिंह मौके पर पहुंचे हैं। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने वहां फालतू के मंडराते

लोगों पर कड़ाई बरतने का काम प्रारंभ किया है। पुलिस के सख्त रुख के बाद वहां लग रहा

मजमा अब काफी हद तक खत्म हो चुका है।


 

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