fbpx Press "Enter" to skip to content

बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा मोदी के साथ बैठक से कोई लाभ नहीं

कोलकाताः बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के

साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक से कुछ हासिल नहीं हुआ और राज्य की

अनदेखी की गयी है। सुश्री बनर्जी ने मंगलवार को सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन

के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वीडियो

कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक से बंगाल को कुछ हासिल नहीं हुआ। केन्द्र सरकार की ओर

से अभी तक बंगाल के हिस्से का कोष जारी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ मैंने

प्रधानमंत्री के साथ बैठक के दौरान कई मुद्दे उठाए। लेकिन मैं यह कहना चाहूंगी कि हमें

हर बार खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। हमें अभी तक अपने हिस्से का कोष नहीं मिला

है।’’ सुश्री बनर्जी ने कहा, ‘‘ मैं सभी राज्यों के लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि

बंगाल के लोग संघवाद की भावना का सम्मान करते हुए दृढ़ता से आपके साथ खड़े हुए हैं

और हमारे लिए सर्वप्रथम मानवता की भावना है। मेरी विनम्र अनुरोध है कि संघीय ढांचे

को न तोड़े। इस संकट से निपटना हमारी जिम्मेदारी है और हम लगातार ऐसा करते रहेंगे

लेकिन यदि आप फैसला लेने के बाद बैठक करेंगे तो ऐसी बैठक का क्या लाभ होगा।’’

बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा केंद्रीय मंत्री राजनीति कर रहे है

सुश्री बनर्जी ने कहा, ‘‘ कोरोना से प्रभावित सभी राज्य विशेषकर दिल्ली, महाराष्ट्र,

गुजरात, तमिलनाडु, जम्मू- कश्मीर, पंजाब, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश ,

तेलंगाना, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत हम सभी अपनी तरफ से इस चुनौती से

निपटने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मीडिया में पत्र भेजकर बेबुनियाद आरोप

क्यों लगाए जा रहे हैं। कुछ केन्द्रीय मंत्री इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं जोकि संघवाद के

ढांचे के लिए ठीक नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अभी आयोजित की गयी सभी बैठकों में मैंने

राज्य की जरूरतों से अवगत कराया है लेकिन अभी तक हमारी कोई मदद नहीं की गयी

है।’’ सुश्री बनर्जी ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पत्र लिखकर प्रवासी मजदूरों

के मुद्दों पर बंगाल सरकार की ओर से सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है जोकि

निराधार है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए बंगाल

सरकार की ओर से अपनायी जा रही रणनीति की कई बार आलोचना की है। केन्द्र ने

बंगाल में कोरोना जांच और इसकी मृत्यु दर को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बंगाल में

कोविड-19 की मृत्यु दर 13.2 प्रतिशत है जोकि देश में सर्वाधिक है। राज्य का दौरा करने

वाली केन्द्रीय टीमों ने कोविड-19 से निपटने के लिए बंगाल में उठाए जा रहे कदमों को

लेकर सवाल खड़े किए थे। केन्द्रीय टीमों ने बंगाल में कोरोना की कम जांच होने की बात

कही थी।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from देशMore posts in देश »
More from राजनीतिMore posts in राजनीति »

4 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!