fbpx Press "Enter" to skip to content

बड़कागांव से अस्थिर होती झारखंड की राजनीति हुआ टकराव

अशोक शर्मा

हजारीबागः बड़कागांव से अस्थिर होती राजनीति के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। आज

वहां स्थानीय लोगों और एनटीपीसी के बीच जारी विवाद अब फिर से हाथापायी की नौबत

तक जा पहुंचा है। आज भी वहां धरना पर बैठे लोगों को प्रशासन के निर्देश पर हटाने के

बाद कई स्थानों पर अप्रिय घटनाओं की सूचनाएं आयी हैं।

वीडियो में देखिये आज का घटनाक्रम

याद रहे कि वहां स्थानीय विस्थापितों के साथ एनटीपीसी का काफी लंबे समय से विवाद

चल रहा है। इस विवाद के क्रम में पूर्व सरकार के कार्यकाल में वहां पुलिस फायरिंग भी हुई

थी, जिसमें लोग मारे गये थे। इसी विवाद में विस्थापितों के नेता बने पूर्व विधायक योगेंद्र

साव और उनकी पत्नी तथा पूर्व विधायक निर्मला देवी पर भी अनेक मामले दर्ज किये गये

थे। बाद में राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाने की वजह से योगेंद्र साव पूर्व

मुख्यमंत्री रघुवर दास के आंख की किरकिरी बन गये थे। उस वक्त इस पूरे घटनाक्रम की

स्टिंग की सीडी वर्तमान में भाजपा विधायक दल के वर्तमान नेता बाबूलाल मरांडी ने जारी

की थी। अब दोबारा हुए चुनाव में अंबा प्रसाद के चुनाव जीतकर आने के बाद एनटीपीसी

वनाम स्थानीय विस्थापितों का विवाद फिर से गरमाने लगा है। इससे वहां विधि व्यवस्था

की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इस मुद्दे पर खुद अंबा प्रसाद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत

सोरेन से भी मुलाकात कर समस्या की जानकारी उन्हें दे चुकी हैं।

स्टिंग ऑपरेशन की सीडी बाबूलाल मरांडी ने जारी की थी

स्टिंग ऑपरेशन की सीडी जारी होने के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर जगन्नाथपुर

थाना में एफआईआर दायर होने के बाद भी मामले में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। सिर्फ

चुनाव आयोग की गाज आइपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर गिरी है। जिन्हें हर चुनाव

में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से हटाया जाता है। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रेस

सलाहकार अजय कुमार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और खुद रघुवर दास भी इस

स्टिंग ऑपरेशन के मुख्य अभियुक्त होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई से अब तक बचे

हुए हैं। तय है कि बड़कागांव से अस्थिर होती झारखंड की राजनीति में पहले की घटनाओं

को याद कर फिर से टकराव की स्थिति बनेगी। दूसरी तरफ सरकार के समीकरण बदले

होने के वजह से एनटीपीसी को केंद्र और राज्य सरकार के राजनीतिक टकराव के बीच भी

पिसना पड़ सकता है।

बड़कागांव में विधायक का पुतला जलाने के लेकर हुई तनातनी

बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद का पुतला जलाने पहुंचे लोगों को स्थानीय लोगों ने

खदेड़ खदेड़कर पीटा। कंपनी के वर्करों एवं हाईवा वाहन मालिकों द्वारा विधायक अंबा

प्रसाद का पुतला दहन कार्यक्रम को आंदोलनकारियों ने विफल कर दिया। कंपनी के

समर्थकों ने बड़कागांव हजारीबाग पथ के 13 माइल के समीप आज करीब 10 बजे इकट्ठा

होकर सड़क को जाम कर दिया। कंपनी के समर्थकों ने इस बीच क्षेत्र के विधायक अंबा

प्रसाद का पुतला लेकर साथ में जलाने का भी कार्यक्रम के तहत लाए थे। जैसे ही इसकी

भनक कंपनी के विरोध में कर रहे आंदोलनकारियों को पता चला त्यों ही आंदोलनकारियों

ने 13 माईल पहुंचकर कंपनी के वर्करों को खदेड़ते हुए पुतला को अपने कब्जे में ले लिया।

इस बीच दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। वर्करों एवं हाईवा मालिकों का कहना है कि

हम लोग कंपनी का काम चालू कराने की मांग को लेकर धरना देने पहुंचे थे। लेकिन

विधायक अंबा प्रसाद के समर्थकों ने आकर हम लोग पर हमला बोल दिया। वहीं दूसरी

ओर आंदोलनकारियों ने कहा कि कंपनी के दलाल एवं बाहर से आदमी मंगवा कर हम

लोग के आंदोलन को विफल करने का हर तरह का हथकंडा अपना रहा है। आज हजारीबाग

से कुछ लोगों को भाड़े पर लाकर पहले महिलाओं को डराने धमकाने एवं ट्रांसपोर्टिंग सड़क

से हटाने का प्रयास किया गया। जब हम लोग नहीं हटे तो महिलाओं के साथ बदसलूकी की

जाने लगी। इस बीच दोनों ओर से भगदड़ मच गई। बताया जाता है कि इसकी सूचना

स्थानीय पुलिस प्रशासन को मिलने के बाद एसडीपीओ भूपेंद्र प्रसाद राउत के नेतृत्व में

पुलिस के जवान समय पर पहुंच जाने के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत

कराया गया।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from अपराधMore posts in अपराध »
More from कामMore posts in काम »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from राजनीतिMore posts in राजनीति »
More from विधि व्यवस्थाMore posts in विधि व्यवस्था »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »
More from हजारीबागMore posts in हजारीबाग »

2 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!