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जिला का बांसलोई पुल भी कांची पुल की तरह धंस सकता है किसी दिन

  • पिलर के दोनों ओर से माफियाओं ने उठाया बालू

  • अब कभी भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना

  • सरकारी गाइडलाइंस की अनदेखी खुलेआम

पाकुड़: जिला का बांसलोई नदी पर छह करोड़ की लागत से बने घाटचोड़ा चंडालमारा पुल

के ध्वस्त होने की घटना को लोग भूल भी नहीं पाये है कि अब बालू माफियाओं की नजर

बासमती गांव के पास बने पुल पर गड़ गई हैै। बालू माफियाओं ने दीमक की तरह पुल को

चाट डाला है। घाटचोड़ा पुल की तरह कभी भी बासमती का पुल जमीदोंज हो सकता हैै।

बांसलोई नदी पर बासमती और बलियाडंगाल गांव को जोड़ने वाली यह पुल साढ़े तीन

करोड़ की लागत से लगभग आठ साल पूर्व बना हैै। यह पुल अमड़ापाड़ा और महेशपुर के

लोगों के लिए लाइफ लाइन की तरह माना जाता हैै। पुल के पिलरों से खोद रहे बालू

लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह बालू माफिया पुल के पिलरों से सट कर बालू खोदने का

काम कर रहे है। इससे यह पुल भी कभी भी एक बड़ी दुर्घटना की भेंट चढ़ सकता है।

जिला का बांसलोई पुल आठ साल पहले बना है 

विशेष प्रमंडल विभाग से दस साल पूर्व करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बासमती में

जमाल कन्ट्रशन के द्वारा पुल का निर्माण किया गया था। पुल महेशपुर पूर्व विधायक

सुफल मरांडी के अनुशंसा पर स्वीकृत हुई थी लेकिन यह पुल निर्माण के समय से सी

विवादों से घिरा रहा लोग इसके घटिया निर्माण पर सवाल उठाते रहे। पुल के एप्रोच को

लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। माफियाओं की नजर:गोविंदपुर साहेबगंज एक्सप्रेस हाइवे पर

अमड़ापाड़ा में बना बांसलोई नदी में बनी पुल के नीचे बालू माफियाओं की नजर गड़ी हुई है

यहाँ भी आये दिन बालू का उठाव और डम्प कर परिवहन करने की बात सामने आते रही

है। अगर समय रहते शासन और प्रशासन बालू माफियाओं पर नकेल कसने में नाकाम

रही तो यह पुल भी कभी अपनी पहचान खो सकता है। हालांकि इस मामलें में महेशपुर के

थाना प्रभारी रत्नेश मिश्रा को शिकायत मिलने के बाद बाद उन्होंने तत्काल पुल के पिलर

के चारों ओर बांस की घेरा बंदी और चौकीदार की प्रतिनियुक्ति करने की बात कहीं है।

परिवहन पदाधिकारी ने 2 अवैध बालू लदा ट्रैक्टर किया जप्त

लिट्टीपाड़ा:जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार गर्ग ने नियमित जांच के क्रम में

थाना के समक्ष बने चेकनाका में सोमवार देर रात दो अवैध बालू लदा ट्रैक्टर पकड़ कर

स्थानीय थाना को सुपुर्द कर दिया। बालू माफिया इन दिनों बेधड़क नियमों को ताक पर

रखकर अमड़ापाड़ा बासलोई नदी से बालू उठाकर मेन सड़क होते हुए लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र

के विभिन्न जगहों पर ऊंचे दामों में बेच कर बालू माफिया माल माल हो रहे हैं और जिससे

सरकार का राजस्व का लाखों का नुकसान हो रहा है। प्रतिदिन सुबह से रात तक

अमड़ापाड़ा, दरादर, धमनी नदी से सैकड़ो ट्रैक्टरों द्वारा बालू की धुलाई करता है। स्थानीय

पुलिस को सूचना के बावजूद करवाई न करना माफिया के साथ मिली भगत का बू साफ

आ रहा है। हालाकि जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार गर्ग ने बीच बीच में बालू

तस्करों के खिलाफ करवाई करता है बावजूद बालू माफिया में प्रशासन का खौफ नहीं दिख

रहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी के करवाई के बावजूद अवैध बालू की धुलाई लिट्टीपाड़ा

क्षेत्र में बंद नहीं हो रहा है। बेधड़क लब्दाघाटी, धरमपुरमोड़, पाडरकोला सहित अन्य रास्तों

से बालू की धुलाई बदस्तूर जारी है।

हर तरफ से निर्देश के बाद भी हो रही है बालू तस्करी

सूत्रों के अनुसार स्थानीय पुलिस के साठ गांठ से दिन दहाड़े बालू की चोरी कर सरकार को

लाखो का राजस्व नुकसान कर रहा है। जानकारी के अनुसार जेएच 16बी 4650 एवं एक

बिना नंबर का ट्रैक्टर अमड़ापाड़ा नदी से अवैध बालू लादकर हिरणपुर की तरफ जा रहा था

डीटीओ ने रोककर चालक से आवश्यक कागजात की मांग किया पर चालक ने किसी भी

प्रकार का कागज नहीं दिखा पाया। वहीं जब्त कर स्थानीय थाना को सुपुर्द कर दिया।

थाना क्षेत्र के सुरजबेड़ा के समीप सीमेंट एवं छड़ लदे दो ट्रक डब्ल्यूबी 67बी 0444 एवं

जेएच 02पी6285को नियमित जांच के दौरान थाना को सुपुर्द किया। डीटीओ गर्ग ने कहा

जब्त ट्रक के कागजात की जांच कर आवश्यक करवाई की जाएगी।

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