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असम विधानसभा चुनावों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार की सरकार का आदेश




  • पूरी तरह सील हो भारत-बांग्लादेश से लगी असम की सीमा

  • कई इलाकों में सीमा एक दूसरे के काफी करीब बनी हुई

  • करीमगंज के इलाके पर सबसे अधिक ध्यान रहेगा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार

और असम की सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने आदेश जारी

किया कि भारत-बांग्लादेश सीमा को स्मार्ट बाड़ लगाने के माध्यम से सील कर दिया

जाएगा। बता दें कि स्मार्ट बाड़ लगाने में उन्नत निगरानी प्रणाली और अलार्म गैजेट

शामिल होंगे। स्मार्ट बाड़ लगाने का इस्तेमाल भारत और बांग्लादेश के बीच असम के

करीमगंज कस्बे में अंतरराष्ट्रीय सीमा के अनफ़िल्टर्ड हिस्से को सील करने के लिए किया

जाएगा।यह आदेश जारी कर मोदी सरकार ने असम में बीजेपी के सत्ता में आने के महज

एक हफ्ते के भीतर पार्टी का एक बड़ा चुनावी वादा पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

बीजेपी ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर पड़ोसी देश से अवैध घुसपैठ पर लगाम

लगाने के लिए बांग्लादेश से लगी असम की सीमा सील की जाएगी।गृह मंत्रालय के एक

अधिकारी ने बताया, गृहमंत्री ने निर्देश दिया कि असम में भारत-बांग्लादेश सीमा को पूरी

तरह सील किया जाए।गृहमंत्री ने यह निर्देश भी दिया कि सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों

की सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का पूरा इस्तेमाल किया जाए। इसमें हाई रेजोल्यूशन

कैमरे, रडार, यूजी सेंसर, ऑप्टिकल फाइबर, इंफ्रा रेड सेंसर, एरास्टैट्स वगैरह शामिल

होंगे और इन्हें कमान और नियंत्रण व्यवस्था से जोड़ना होगा। भारत बांग्लादेश सीमा की

कुल लंबाई 4,096 किलोमीटर है, जिसमें से 284 किलोमीटर असम में है।’अधिकारी ने

बताया कि असम में भारत-बांग्लादेश सीमा सील करने का मकसद पूरा करने के लिए

फैसला किया गया कि 11.9 किलोमीटर क्षेत्र में 100 जगहों पर ढांचागत अवरोध, जैसे कि

बाड़ लगायी जाएगी और छोटी नदियों के 48.8 किलोमीटर क्षेत्र में 22 जगहों पर गैर-

ढांचागत अवरोध, जिसमें प्रौद्योगिकीय अवरोध शामिल है, जून 2021 तक तैयार किए

जाएंगे।

असम विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा की तैयारियां शुरु

जानकारी के लिए बता दें कि करीमगंज शहर में भारत-बांग्लादेश सीमा के 4.5 किलोमीटर

के हिस्से को स्मार्ट बाड़ लगाने के माध्यम से सील किया जाएगा। विशेष रूप से, बॉर्डर

गार्ड्स बांग्लादेश ने करीमगंज शहर में भारत-बांग्लादेश सीमा की भौतिक बाड़ लगाने पर

आपत्ति जताई थी। अंतर्राष्ट्रीय सीमा नियमों के अनुसार, सीमा के दोनों ओर बाड़ लगाना

मुख्य बिंदु से 150 गज की दूरी पर होना चाहिए। वैसे एक हिस्सा करीमगंज शहर बाड़ के

दूसरी तरफ समाप्त हो जाएगा।

असम सरकार ने करीमगंज शहर के हिस्से को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा नियमों में

छूट मांगी थी। हालांकि, बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा नियमों में छूट पर

कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसलिए, असम गृह विभाग स्मार्ट बाड़ लगाने के माध्यम से

सीमा के उस हिस्से को सील करने के वैकल्पिक विकल्प के साथ आया है। वैसे तो सीमा

सुरक्षा बल, बी.एस.एफ. और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश दोनों साथ मिलकर देशों की सुरक्षा

करने सहमत हैं। 2016 में असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि

सत्ता में आने पर पड़ोसी देश से अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए बांग्लादेश से

लगी असम की सीमा सील की जाएगी।अब चुनाव सामने आ रहा है, इसीलिए सरकार ने

लोगों को विश्वास दिलाने के लिए यह कदम उठाया है। हालांकि, असम में 122 स्थान

(60.7 किमी) ऐसे हैं जहाँ कोई भौतिक अवरोध नहीं खड़ा किया गया है।



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