fbpx Press "Enter" to skip to content

बांग्लादेश और भारत के बीच नदी परिवहन चालू करने का निरीक्षण




  • गोमती नदी पर बांग्लादेश के अधिकारियों ने किया मुआयना

  • नदी पर जांच दल ने 91 किलोमीटर का सफर तय किया

  • कई स्थानों पर गहराई बढ़ाने की जरूरत समझी गयी

विशेष प्रतिनिधि

ढाकाः बांग्लादेश और भारत के बीच नदियों के जरिए नौ परिवहन चालू करने पर

बांग्लादेश गंभीर है। इस पर पहले भी भारत के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। अब

बांग्लादेश ने अपनी तरफ से इस सेवा को चालू करने के रास्ते में उनकी तरफ से आने

वाली अड़चनों को समझने का काम प्रारंभ कर दिया है।

वीडियो में देखिये नौ पथ पर यह सफर और अधिकारियों ने क्या कहा

पहले दौर के इस निरीक्षण में कई खामियां पायी गयी हैं और उन्हें दूर करने की बात कही

गयी है। इस छोर पर बांग्लादेश के बीबी बाजार चेकपोस्ट पर ट्रकों की बहुत लंबी कतार

लगी है। यह सारे ट्रक सीमेंट ढोते हैं और उन्हें भारत के त्रिपुरा राज्य जाना है। बांग्लादेश

के साथ इसी जगह पर है भारत का सूखा बंदरगाह सोनामुड़ा। यह इलाका भारत के राज्य

त्रिपुरा के पूर्वी छोर पर है। दोनों देशों के इस सूखा बंदरगाह के पास ही है त्रिपुरा से आने

वाली गोमती नदी। इसी गोमती नदी से नौ परिवहन चालू करने की संभावनओं की तलाश

इस दौरे से तेज कर दी गयी है।

बांग्लादेश और भारत के नौ परिवहन का ड्राई पोर्ट है सोनामुड़ा

बांग्लादेश और भारत के बीच इस तरफ के दाउदकांदि लैंडिंग स्टेशन पर ही गोमती नदी से

होते हुए इस नाव आधारित परिवहन व्यवस्था को चालू करने की योजना है। यह नदी

कुछेक स्थानों पर काफी चौड़ी भी है। इसी वजह से इसका चयन किया गया है। गोमती

नदी त्रिपुरा के छोर पर साढ़े छह किलोमीटर और बांग्लादेश की सीमा पर 91 किलोमीटर

लंबी है। इस प्रवाह में बांग्लादेश और भारत के बीच इस नौ परिवहन को करीब चालीस

किलोमीटर में अनेक किस्म की कठिनाइयां पायी गयी है। आज के निरीक्षण के बाद यह

तय पाया गया है कि इस नौ परिवहन को चालू करने के लिए बांग्लादेश को अपनी सीमा में

कई स्थानों पर नदी की खुदाई कर पानी की गहराई  बढ़ानी पड़ेगी।

इस नदी पर आवश्यकता और उपलब्धता की जानकारी हासिल करने बांग्लादेश के नौ

परिवहन संस्था बीआईडब्ल्यूटीए के चेयरमैन कमोडर गोलाम सादिक के नेतृत्व में एक

उच्च स्तरीय दल ने पूरे इलाके का दौरा भी किया।

इस जलमार्ग के चालू होने से चटगांव से अगरतला की दूरी कम होगी

राष्ट्रीय खबर का यह प्रतिनिधि भी उनके साथ जाने वाला अकेला पत्रकार था।

इस पूरे इलाके यानी 91 किलो मीटर का दौरा समाप्त करने के बाद कमोडर सादिक ने अभी इसकी परेशानियों का खुलासा किया।

उन्होंने कहा कि पहले से ही बांग्लादेश सरकार ने नदी की

गहराई बढ़ाने की एक योजना बनायी है। इसके बिना सामान ढुलाई के लिए आने जाने

वाले बड़े नाव कम गहराई में फंस सकते हैं। वैसे इस दौरे में गोमती नदी के के एक छोर से

दूसरे छोर तक जाने में पानी का प्रवाह बढ़ता घटता नजर आता रहा। इस दल में नौसेना

और नौ यातायात विभाग के निदेशक रफीकुल इस्लाम भी हमारे साथ थे। उन्होंने बताया

कि वास्तविक परेशानियों को रेखांकित किया जा रहा है। एक बार यह तय हो जाने के बाद

इन समस्याओं के निराकरण का काम प्रारंभ किया जाएगा। उत्तर पूर्वी भारत के राज्यों के

लिए भारत पहले से ही बांग्लादेश के चटगांव और मोंगला पोर्ट का इस्तेमाल करता है।

इसी वजह से बंदरगाह से सीमा तक हर रोज हजारों ट्रक आते जाते हैं। नये परिवहन मार्ग

के इस्तेमाल से सड़कों पर से दबाव कम होगा और सबसे बड़ी बात यह होगी कि चटगांव से

अगरतला की दूरी करीब डेढ़ सौ किलोमीटर कम हो जाएगी


 



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from उत्तर पूर्वMore posts in उत्तर पूर्व »
More from कूटनीतिMore posts in कूटनीति »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from पर्यटन और यात्राMore posts in पर्यटन और यात्रा »
More from राज काजMore posts in राज काज »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »

One Comment

Leave a Reply

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: