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खून का रिश्ता है भारत से बांग्लादेश का, विदेश मंत्री ने कहा

  • कूटनीतिक मुद्दों पर कहा चीन के साथ व्यापारिक रिश्ते

  • भारत के साथ ही अगले वर्ष विजय दिवस मनायेंगे

  • दोनों देशों के इतिहास अलग नहीं किये जा सकते

  • शेख मुजीब के हत्यारों को वापस लाने की कोशिश

विशेष प्रतिनिधि

ढाकाः खून का रिश्ता है बांग्लादेश और भारत का। इस बात से कोई इंकार नहीं कर

सकता। बांग्लादेश के विदेशमंत्री डॉ ए के अब्दुल मोमिन ने भारत और चीन के बीच जारी

तनातनी के बीच यह अत्यंत महत्वपूर्ण बात कह दी है। इसलिए भारत और चीन के बीच

जो कुछ हो, उससे बांग्लादेश को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने अपनी इसी बात को और

स्पष्ट करते हुए कह दिया कि दरअसल भारतवर्ष के साथ बांग्लादेश का खून का रिश्ता है,

इसे कोई भूल नहीं सकता। चीन के साथ देश के व्यापारिक संबंध है। इसलिए दोनों के बीच

बांग्लादेश के लिए कोई टकराव जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने इस बारे में कहा कि कोरोना

संकट में भी चीन ने करीब एक हजार से अधिक उत्पादन बिना उत्पाद शुल्क के बांग्लादेश

को उपलब्ध कराया है। इसे लेकर भी कोई विवाद नहीं हुआ है। भारत के साथ जो कुछ

तनाव थे, वह क्रमशः समाधान की तरफ आगे बढ़ते चले जा रहे हैं।

खून का रिश्ता है इसीलिए साथ साथ विजय दिवस मनायेंगे

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में बांग्लादेश भारत के साथ ही अपने विजय

के पचास साल का कार्यक्रम आयोजित करेगा। क्योंकि दोनों देशों का जुड़ाव यही से बना

हुआ है। डॉ मोमिन ने कहा कि बांग्लादेश की जीत यानी भारत की जीत और इसी वजह से

भारत की जीत का अर्थ बांग्लादेश की जीत होता है।

उन्होंने इस स्थिति को और स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी पूरी दुनिया के लिए कोरोना

वायरस गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में सीमा विवाद और युद्ध जैसे हालात होने

के बाद भी भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर इस वायरस के वैक्सिन को खोजने

के काम में सम्मिलित प्रयास कर रहे हैं। बांग्लादेश खुद यह काम नहीं कर पाया है यह

दुर्भाग्यजनक स्थिति है लेकिन देश ने वैक्सिन के लिए यूरोप को काफी पैसा दे रखा है।

बांग्लादेश के विजय दिवस की चर्चा के क्रम में ही उन्होंने कहा कि बंगबंधु शेख

मुजीबर्रहमान के हत्यारों में से पांच को देश वापस लाना अब तक संभव नहीं हो पाया है।

इन पांच लोगों में से दो का पता चल चुका है। इनमें से एक अमेरिका में और दूसरा कनाडा

में छिपा है। बांग्लादेश इन दोनों को बांग्लादेश वापस लाने की कोशिशों में जुटा है। उन्होंने

कहा कि जहां से इन अपराधियों को वापस लाना संभव नहीं हो पाया है, वहां के बांग्लादेश

दूतावास को यह निर्देश दिया गया है कि वे महीने में एक बार ऐसे अपराधियों के घर के

बाहर अवश्य यह सार्वजनिक जानकारी दें कि ऐसे लोग बांग्लादेश में एक प्रमुख हत्याकांड

के अभियुक्त हैं। इससे वहां की स्थानीय जनता को भी ऐसे लोगों के अपराध की जानकारी

मिल पायेगी।


 

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