fbpx Press "Enter" to skip to content

सरकारी विज्ञापनों पर दो साल तक लगे प्रतिबंध: सोनिया

 

नयी दिल्लीः सरकारी विज्ञापनों पर दो साल तक रोक लगाने की मांग कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की है। उन्होने

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सांसदों का वेतन 30 प्रतिशत कम करने के

सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा है कि इस महामारी के विरुद्ध

जंग में बहुत पैसे की ज़रूरत होगी।

इसलिए सरकारी विज्ञापनों तथा खर्चो में कमी कर

विदेश दौरों पर रोक लगाने की सख्त आवश्यकता है।

श्रीमती गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस

सम्बन्ध में एक पत्र लिखा है जिसमें सरकार से विलासता की परियोजनाओं को रोककर उस निधि का इस्तेमाल कोरोना

से लड़ने के लिए करने तथा प्रधानमंत्री केयर्स निधि की राशि को प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में स्थानांतरित करने

का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले सरकार को टेलीविजन, प्रिंट एवं ऑनलाईन विज्ञापनों पर दो

साल के लिए रोक लगाकर यह पैसा कोरोना वायरस से उत्पन्न संकट से जूझने में लगान चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया

कि कोविड-19 सम्वन्धी परामर्श या स्वास्थ्य से संबंधित विज्ञापनो इस बंदिश से बाहर रखा जाना चाहिए। उनका

कहना था कि केंद्र सरकार विज्ञापनों पर हर साल लगभग 1,250 करोड़ रुपये खर्च करती है और उस पर रोक से कोरोना

से अर्थव्यवस्था तथा समाज को होने वाले नुकसान की भरपाई करने में बड़ी मदद मिल सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने

को देखते हुए 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘सेंट्रल विस्टा’ ब्यूटीफिकेशन एवं कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को

स्थगित करने की भी मांग करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति में विलासिता पर किया जाने वाला यह खर्च व्यर्थ है।

सरकारी विज्ञापनों के अलावा भी अन्य खर्चों पर रोक लगे

श्रीमती गांधी ने कहा,‘‘मुझे विश्वास है कि संसद मौजूदा भवन से ही अपना संपूर्ण कार्य कर सकती है। नयी संसद तथा

उसके नए कार्यालयों के निर्माण की आज की आपातकालीन स्थिति में जरूरत नहीं। ऐसे संकट के समय में इस खर्च को

टाला जा सकता है। इससे बचाई गई राशि का उपयोग नए अस्पतालों तथा अन्य सुविधाओं के निर्माण ने किया जा

सकता है। उन्होंने कहा की सरकार के खर्चे के बजट में भी 30 प्रतिशत की कटौती की जानी चाहिए। इस कटौती से हर

करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये बचेंगे जिसका इस्तेमाल प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों, किसानों,छोटे एवं असंगठित क्षेत्र में

काम करने वाले श्रमिको के हित में किया जा सजता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस महामारी को देखते हुए राष्ट्रपति,

प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्य के मंत्रियों तथा नौकरशाहों द्वारा की जाने वाली सभी विदेश यात्राओं को

स्थगित किया जाना चाहिए। पिछले पाँच साल में केवल प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मंत्रियों की विदेश यात्रा पर 393 करोड़

रुपये खर्च हुए जिसका इस्तेमाल कोरोना वायरस से लड़ाई में किया जा सकता है। उन्होंने ‘प्रधान मंत्री केयर्स’ फंड की

संपूर्ण राशि को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि’ में स्थानांतरित करने की मांग की और कहा कि जनता की सेवा के फंड

के वितरण के लिए दो अलग-अलग मद बनाना मेहनत तथा संसाधनों की बर्बादी है।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from दिल्लीMore posts in दिल्ली »

One Comment

Leave a Reply

Open chat