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कैप्टन अमरिंदर सिंह और बाजवा की गुपचुप बैठक से पंजाब की राजनीति गरमायी

  • बाजपा ने किया गुप्त बैठक की खबर का खंडन

  • दोनों खेमा नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर परेशान

  • हाईकमान की सोच के उलट हैं दोनो के विचार

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़ः कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा की हुई गुपचुप

बैठक से कांग्रेस के सियासी समीकरण बदल सकते है। सूत्रों मुताबिक पंजाब कांग्रेस के

दोनों सीनियर नेताओं के बीच बाजवा के चंडीगढ़ स्थित घर में गत दिवस गुप्त बैठक हुई

है। पंजाब की सियासत में अब तक छत्तींस का आंकड़ा रखने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन

अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा के अनसुलझे रिश्ते जगजाहिर है

परंतु इस बैठक के बाद ये कयास लगाए जा रहें कि दोनों के एक टेबल पर आने के रिश्ते

सुलझते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जाता है कि दोनों नेताओं के रिश्ते में जमी बर्फ को

पिघलाने में मुख्यमंत्री की पत्नी व पटियाला की सांसद परनीत कौर और खडूर साहिब

से सांसद जसबीर सिंह डिंपा ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा दी है। हालांकि सूत्रों के माने तो

कल दोनों नेताओं के बीच हुई गुप्त बैठक वर्तमान हालातों और भविष्य को लेकर बातचीत

हुई। वहीं जानकारी के अनुसार कांग्रेस हाईकमान का नवजोत सिंह सिद्धू के लिए साफ्ट

कॉर्नर भी इस बैठक के लिए एक कारण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार सिद्धू ने

पार्टी हाईकमान को स्पष्ट कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ

सरकार में काम नहीं कर सकते। वहीं, सिद्धू लगातार हाईकमान पर प्रदेश कांग्रेस प्रधान

बनाने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह किसी हालत में

नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश प्रधान के रूप में देखना नहीं चाहते है। उधर, बाजवा चाहे

कैप्टन का खुलेआम विरोध करते रहे हैं लेकिन वह सिद्धू की वकालत कभी नहीं करते।

इसके अलावा कांग्रेस में अंतर्कलह को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी के सामने मंत्रियों,

सांसदो और विधायकों ने कैप्टन के खिलाफ शिकायत की, उससे भी मुख्यमंत्री

खासे चिंतित हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह और बाजवा दोनों ही समीकरणों पर चिंतित

प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से बैठक होंने की

चर्चाओं को नकारते हुए कहा कि उनकी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ कोई मुलाकात

नहीं हुई है। बाजवा ने आज मीडिया से बात कर पूरे मामले में अपनी सफाई देते कहा कि

इस तरह की चर्चाएं गलत हैं कि उनकी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ कोई गुप्त

मुलाकात हुई है। बाजवा ने कहा अगर कैप्टन साहब अगर मेरे घर आना चाहें तो उनका

स्वागत है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ उनका कोई भी

व्यअक्तिगत मसला नहीं है, बस विचारों का अंतर है। उन्होंने कहा कि सब यह चाहते है

कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने चुनावी वादे पूरे करने चाहिए। उन्होंने कहा कि

कोटकपूरा फायरिंग मामले में पूरी कांग्रेस पार्टी चाहती है कि दोषियों के खिलाफ एक

महीने के भीतर कार्रवाई हो। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू से किसी तरह की कोई समस्या

होंने से भी इंकार करते हुए कहा कि सिद्धू उनके भाई की तरह हैं। नवजोत सिद्धू को किसी

पद के बारे में पूछे जाने पर बाजवा ने कहा कि 3 सदस्यीय कमेटी के साथ ये सारी बात

स्पष्ट हो चुकी है। मैं ये बिल्कुल नहीं कहता कि उनको रोल न दिया जाए, लेकिन जो पार्टी

में लंबे समय से हैं और वफादार, वरिष्ठ और सक्षम हैं उनको भी मौका मिलना चाहिए।

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