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तेज बारिश से बुझ गयी ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग




केनबेराः तेज बारिश ने ऑस्ट्रेलिया की फिर से बड़ी मदद कर दी है।

वहां के जंगलो में लगी भीषण आग पर इसी तेज बारिश ने लगाम कस

दी है। लगातार हो रही बारिशों की वजह से भीषण आग की लपटें अब

पूरी तरह नियंत्रण में आ चुकी है। इससे पहले राष्ट्रीय आपदा के तौर

पर इसे बूझाने की तमाम कोशिशों के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली

थी। ऑस्ट्रेलिया के जिन जंगली इलाकों में यह भीषण आग लगी थी,

वहां लगातार बारिश हुई है। बारिश की रफ्तार और समय सीमा अधिक

होने की वजह से अधिकांश इलाकों की आग लगभग समाप्त हो चुकी

है। अगर कहीं कुछ आग बची हुई भी है तो उसे नियंत्रण कर पाने में

अब कोई कठिनाई नहीं होगी। वैसे आपदा नियंत्रण दल अब भी जिन

इलाकों से धुआं उठता दिख रहा है, वहां आग बूझाने की कोशिशों में

लगातार जुटे हुए हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बारिश रुकने

के बाद दोबारा ऐसी भीषण आग भड़कने जैसी स्थिति पैदा नहीं हो।

तेज बारिश का कोई लाभ दक्षिणी भाग में नहीं

तेज बारिश और तूफान का असर पूरे पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के इलाकों में

पड़ा है। शनिवार की सुबह से ही यह सिलसिला प्रारंभ होने की वजह से

आग की ऊंची ऊंची लपटें अपने आप ही गायब हो गयी। आपदा प्रबंधन

से जुड़े लोग मानते हैं कि जितनी बारिश हुई है, उससे इस भीषण आग

का समाप्त होना स्वाभाविक है। साथ ही इतनी अधिक बारिश होने की

वजह से अब पेड़ पौधों में भी काफी नमी आ चुकी है। लिहाजा अगर

कहीं आग बची भी हो तो वह दोबारा विकराल रुप नहीं धारण कर

पायेगी। इस बीच हरेक इलाके की सघन तलाशी कर आग वाले इलाकों

में नये सिरे से अभियान चलाकर आग को बूझा लिया जाएगा। इससे

पहले जंगलों में आग की लपटें इतनी विकराल हो चुकी थी कि उन्हें

बूझाने के लिए नजदीक जा पाना भी संभव नहीं था। लेकिन

ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी इलाकों में बारिश का यह प्रभाव नहीं पड़ा है।

इस वजह से वहां घास की झाड़ियों में लगी आग से उत्पन्न दावानल

का प्रकोप अब भी जारी है। खास तौर पर इसकी चपेट में कंगारू द्वीप

भी है। यहां आग अब भी लगी हुई है। तेज बारिश का कोई असर इन

इलाकों तक नहीं पहुंचा है।



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