fbpx Press "Enter" to skip to content

असम राइफल्स महिला सैनिकों की बड़ी सफलता

  • म्यांमार सीमा से 10.5 करोड़ की हेरोइन बरामद

  • हाल ही में सीमा पर तैनात किये गये महिला कमांडो

  • सीमा पार से तस्करी की काफी शिकायतें मिल रही थी

  • दूसरे देशों की सीमा से भारत लाये जा रहे हैं हथियार

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम राइफल्स की महिला सैनिकों ने अपनी तैनाती के तुरंत बाद कमाल कर

दिया।  गृह मंत्रालय के फैसले में 23 सितंबर से भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ

अभियान चलाने और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर

महिला सैनिकों को तैनात किया था। असम राइफल्स की महिला सैनिकों ने आतंकवादी

के खिलाफ युद्ध और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए तैयारी की थी। जैसा कि ऑपरेशन

के इस भाग में मणिपुर में महिला सैनिकों ने रविवार रात को भारत-म्यांमार सीमा के साथ

चंदेल जिले में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप बरामद की है। एक अधिकारी ने कहा कि

असम राइफल्स के महिला सैनिकों ने प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ अपने

निरंतर प्रयासों में, मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा के साथ चंदेल जिले में नशीले पदार्थों

की एक बड़ी खेप बरामद की है। बरामद मादक पदार्थों की कीमत बाजार में लगभग 10.5

करोड़ रुपये होगी।ऑपरेशन के दौरान, असम राइफल्स के सैनिकों ने चंदेल जिले के

मोल्टुक गांव में एक ठिकाने से लगभग 10.5 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन और टैबलेट

सहित उच्च मूल्य के नशीले पदार्थों को पुनर्प्राप्त करने में सक्षम थे। असम राइफल्स ने

कहा, “बरामद किया गया सामंत पुलिस को सौंप दिया गया।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, असम राइफल्स के सैनिकों ने म्यांमार से चंदेल जिले तक

भारत-म्यांमार सीमा पर मादक पदार्थों की खेप के संभावित आंदोलन पर विशिष्ट इनपुट

प्राप्त करने के बाद एक अभियान चलाया।चंदेल गांव में मोल्टुक गांव के आसपास के वन

क्षेत्र में व्यापक खोज अभियान के दौरान, असम राइफल्स के जवानों को 980 ग्राम हेरोइन,

2,24,000 टैबलेट बरामद की हैं।

असम राइफल्स की महिला कमांडर ने अभियान की जानकारी दी

भारत-म्यांमार सीमा में असम राइफल्स की प्रमुख महिला कमांडर ने आज कहा कि भारत

और म्यांमार के बीच करीब 1643 किलोमीटर लंबी सीमा है इस सीमा पर बाड़ न लगी होने

के कारण सीमापार से भारत में कई तरह तस्करी होती है। जिसमें हथियार, नकली करेंसी

और ड्रग की तस्करी शामिल है। महिला कमांडर इन चीफ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की

यूनाइटेड नेशंस ड्रग कंट्रोल प्रोग्राम और इंटरनैशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड भारत

म्यांमार सीमा पर कमजोर सुरक्षा को लेकर कई बार चेता चुकी हैं। भारत म्यांमार की

सीमा पर रहने वाले जनजातीय लोगों को एक दूसरे की सीमा में 16 किलोमीटर तक बिना

किसी वीजा के प्रवेश करने की छूट है। इस सीमा पर 250 गांवों में करीब 3 लाख लोग रहते

हैं जिनकी जमीन सीमा के दोनो तरफ है। ये लोग बॉर्डर के 10 किलोमीटर के दायरे में रहते

हैं।भारत के चार उत्तर-पूर्वी राज्यों की सीमाएं म्यांमार के साथ लगती हैं अरुणाचल प्रदेश,

मिजोरम, नागालैंड और मणिपुर की सीमाएं म्यांमार के साथ लगती हैं। भारत और

म्यांमार सरकार ने सर्वे पूरा करने के बाद सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू किया था।

लेकिन 2004 में मणिपुर में नागा और कुकी समुदाय के लोगों के विरोध के बाद काम को

रोकना पड़ा। उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया किजनवरी 2020 में गृह मंत्रालय ने इंडो-

म्यांमार बॉर्डर फोर्स के गठन का प्रस्ताव रखा जिसे जल्द ही अमली जामा पहनाया

जाएगा। इसमें असम राइफल्स और आईटीबीपी के जवान शामिल होंगे। यह फोर्स

आईटीबीपी के तहत काम करेगी।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from अपराधMore posts in अपराध »
More from आतंकवादMore posts in आतंकवाद »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from मणिपुरMore posts in मणिपुर »
More from रक्षाMore posts in रक्षा »

One Comment

Leave a Reply

... ... ...
%d bloggers like this: