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असम पुलिस भर्ती घोटाला में दो मंत्री, चार विधायक और नेताओं नाम सामने

  • लेनदेन में मुख्य सचिव का भाई एसपी भी गिरफ्तार

  • पूछताछ के लिए कोई अनुमति नहीं मिली सरकार से

  • करोड़ों रुपये के लेन देन का सुराग जांच एजेंसी के पास

  • चुनाव के छह माह पहले भाजपा सरकार आरोपों से घिरी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम पुलिस भर्ती परीक्षा के पर्चा लीक मामले में पुलिस अधीक्षक एवं राज्य के

मुख्य सचिव के भाई कुमार संजीत कृष्णा को गुरुवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया।

कृष्णा असम सरकार में कार्यरत शीर्ष अधिकारी हैं जिन्हें इस घोटाले के सिलसिले में

गिरफ्तार किया गया है। इस घोटाले के बाद सारा असम जल उठा है। लोग बीजेपी सरकार

को घेरने के लिए अपनी उंगलियां उठा रहे हैं। इससे असम विधानसभा चुनाव से महज छह

महीने पहले विपक्षी पार्टियों को मुद्दा मिल गया है। कृष्णा के भाई कुमार संजय कृष्णा

राज्य के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया

कि संजीत कृष्णा को अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने चिकित्सा जांच कराने के

बाद गिरफ्तार किया। इससे पहले उनसे गत कुछ दिनों से मैराथन पूछताछ की जा रही

थी। अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें आज अदालत में पेश किया गया है और हम उसे हिरासत में

ले रहे हैं।’’ उन्होंने बताया कि कृष्णा पूर्वाह्र लगभग 11 बजे उलुबरी क्षेत्र में राज्य पुलिस

मुख्यालय पहुंचे और असम पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने उनसे कई घंटे पूछताछ की।

असम पुलिस भर्ती घोटाला में एसपी से घंटों पूछताछ

उन्होंने कहा कि बुधवार को उनके फरार होने की आशंका थी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया

कि शाम करीब छह बजे सीआईडी के अधिकारी उन्हें अपने मुख्यालय ले गए जो उसी

इलाके में असम पुलिस के मुख्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। जिसके

बाद उनका चिकित्सा परीक्षण कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से सोमवार और

मंगलवार को कई घंटों तक पूछताछ की गई थी। अधिकारी ने बताया कि कृष्णा,

करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक थे जहां अन्य आरोपियों की मौजूदगी में उनके आवास

पर उनके इशारे पर असम पुलिस  भर्ती का घोटाला करने के लिए परीक्षा के प्रश्नपत्र

कथित तौर पर लीक किया गया था। इनमें से कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया

जा चुका है। कृष्णा के करीमगंज स्थित आधिकारिक आवास की जांच रविवार और 

मंगलवार को की गई थी जबकि गुवाहाटी स्थित उनके निजी आवास की तलाशी बुधवार

को ली गई थी। असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने मंगलवार को फेसबुक पोस्ट

में कहा कि अगर उनके भाई ने कुछ गलत किया है तो कानून सबूतों के आधार पर अपना

काम करेगा। सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पकड़े जाने वाले अपराधियों ने

कोई भाजपा सरकार के मंत्री विधायक और नेताओं को नाम लिया है। अधिकारी ने कहा

कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये के लेनदेन हुआ था, भाजपा सरकार के दो मंत्री – विधायक

भी घोटाले में शामिल थे। दो मंत्री, चार विधायक और बहुत सारे नेताओं नाम सामने आया

है। अब तक गृह मंत्रालय और असम सरकार की तरफ से उनसे पूछताछ करने की कोई

अनुमति नहीं मिला है। दूसरे अधिकारी तो गिरफ्तार हो रहे हैं लेकिन नेताओं को बचाया

जा रहा है, इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है?

पिछले एक साल में ऐसे कई घोटाले सामने आये हैं

हालांकि, पिछले साल एक बड़ी नियुक्ति घोटाले में सर्बानंद सोनोवाल की भाजपा की

अगुवाई वाली सरकार को झटका लगा था, यह कथित रूप से असम के पंचायत और

ग्रामीण विकास विभाग में हुआ था। जबकि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य

भर में अपने विभिन्न कार्यालयों में बड़ी संख्या में पदों को भरने के लिए लिखित परीक्षा

आयोजित की थी, परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों द्वारा प्रश्न पत्र लीक और मोबाइल फोन

के उपयोग सहित बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। असम के सूचना

और जनसंपर्क विभाग में स्थायी पदों की नियुक्ति के लिए कई बड़े घोटाला हुआ था।

असम विधानसभा चुनाव से छह महीने पहले ही विपक्षी दलों को मुद्दा दिया है।


 

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