fbpx Press "Enter" to skip to content

असम एनआरसी में डेटा गायब प्रभारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज

  • तीन करोड़ डेटा गायब होने से सरकार सकते में

  • संबंधित दस्तावेजों के पासवर्ड नहीं दिये उन्होंने

  • विप्रो के साथ था करार जो समाप्त हो गया

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम एनआरसी के तीन करोड़ से ज्यादा डेटा गायब होने के मामले में

एफआईआर दर्ज किया गया है। एक पूर्व एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) अधिकारी

के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई उक्त अधिकारी के नौकरी छोड़ने

से पहले संवेदनशील दस्तावेज के पासवर्ड नहीं देने के चलते की गई है। हाल ही में असम

के अपडेटेड नागरिकता डाटा बेब साइट एनआरसीएएसएसएएम डॉट निक डॉट इन

(nrcassam.nic.in) से गायब हो गया था। इस पर काफी विवाद हुआ। एनआरसी के राज्य

समन्वयक हितेश देव सरमा ने आज बताया कि पूर्व एनआरसी प्रोजेक्ट अधिकारी के

खिलाफ पल्टन बाजार पुलिस स्टेशन में सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत

शिकायत दर्ज कराई गई है क्योंकि उन्होंने कई बार याद दिलाए जाने के बादवजूद

दस्तावेज का पासवर्ड मुहैया नहीं कराया।

पासवर्ड के लिए दी गयी थी कई बार हिदायत

उन्होंने कहा कि पिछले 11 नवंबर को अपना इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने पासवर्ड

सरेंडर नहीं किया। वह संविदा कर्मचारी थी और नौकरी छोड़ने के बाद पासवर्ड रखने का

उनके पास कोई अधिकार नहीं था। सरमा ने बताया कि एनआरसी कार्यालय ने उन्हें

पासवर्ड मुहैया कराने के लिए कई बार लिखा लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं

मिला। हालांकि उन्होंने डाटा के अचानक गायब होने पर किसी गलत मंशा से इनकार

किया। उन्होंने कहा कि डाटा के लिए क्लाउड सर्विस विप्रो मुहैया करा रही है। पूर्व

समन्वयक ने कंपनी के साथ करार रिन्यू नहीं किया था। इसके चलते पिछले साल 15

दिसंबर को डाटा ऑफलाइन चला गया। उन्होंने 24 दिसंबर को अपना पदभार संभाला।

एनआरसी राज्य समन्वयक नियुक्त किए जाने के बाद सरमा एक हफ्ते की छुट्टी पर चले

गए थे। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को इस मुद्दे पर राज्य समन्वय समिति की बैठक में

चर्चा हुई और फरवरी के पहले हफ्ते में विप्रो को खत लिखा गया। एक बार विप्रो डाटा को

ऑनलाइन कर दे तो यह जनता के लिए मुहैया हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले दो से

तीन दिन में लोग डाटा को देख सकेंगे।

असम एनआरसी की सूची में छेड़छाड़ का आरोप प्रतीक हजेला पर

एनजीओ असम पब्लिक वर्क्स (एपीडब्ल्यू) ने आज राज्य के आपराधिक जांच विभाग में

एक एफआईआर दर्ज कराई। इसमें पूर्व एनआरसी समन्वयक प्रतीक हजेला पर अंतिम

एनआरसी सूची के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। अंतिम एनआरसी सूची 31

अगस्त 2019 को प्रकाशित की गई थी। 31 अगस्त को प्रकाशित अंतिम नागरिकता रोल

में शामिल या बाहर किए गए सभी आवेदकों के विवरण सहित असम का अद्यतन

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) डेटा राष्ट्रीय पंजीकरण के राज्य समन्वयक की

आधिकारिक वेबसाइट से गायब हो गया है। यह डेटा पिछले कुछ दिनों से उपलब्ध नहीं है

और इसने लोगों में, खासतौर पर सूची से बाहर किए गए लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी

है क्योंकि उनके नाम खारिज किए जाने का प्रमाणपत्र उन्हें जारी किया जाना अभी बाकी

है। संपर्क किए जाने पर एनआरसी के राज्य समन्वयक हितेश देव शर्मा ने स्वीकार किया

कि डेटा ऑफलाइन हो गया है लेकिन इसके बीच दुर्भावनापूर्ण इरादा होने के आरोप को

खारिज कर दिया। एनआरसी के एक अधिकारी ने दावा किया कि डेटा कुछ समय पहले

क्लाउड-स्टोरेज सब्सक्रिप्शन के रूप में दिखाई नहीं दे रहा था और इसे रिन्यू नहीं किया

जा सकता था क्योंकि नए राज्य NRC समन्वयक, जिन्होंने प्रतीक हजेला का स्थान

लिया था, तब चार्ज नहीं लिया था।

विप्रो से फिर से किया गया है अनुरोध

शर्मा ने कहा, “भारी मात्रा में डेटा के लिए क्लाउड सेवा विप्रो ने मुहैया की थी और उनका

अनुबंध पिछले साल अक्टूबर तक था। हालांकि इसका पहले के समन्वयक ने नवीनीकरण

नहीं किया। इसलिए , विप्रो द्वारा इसे निलंबित किए जाने के बाद डेटा 15 दिसंबर से

ऑफलाइन हो गया। मैंने 24 दिसंबर को प्रभार संभाला था।” उन्होंने बताया कि राज्य

समन्वय समिति ने 30 जनवरी की बैठक में आवश्यक औपचारिकताएं करने का फैसला

किया था और फरवरी के प्रथम सप्ताह में विप्रो को पत्र लिखा था।शर्मा ने कहा, “विप्रो जब

डेटा लाइव कर देगा, यह लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा। हम आशा करते हैं कि लोग

दो-तीन दिनों में यह देख सकेंगे।” इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए राज्य

विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने भारत के महापंजीयक को पत्र लिखा और

उनसे इस विषय को फौरन देखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “…इस बारे में पूरा

संदेह है कि ऑनलाइन डेटा का गायब होना दुर्भावनापूर्ण कार्य है।”

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One Comment

Leave a Reply