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असम और पश्चिम बंगाल में दूसरे दौर का मतदान संपन्न




  • बंगाल में मतदान के सारे रिकार्ड शायद टूट जाएंगे

  • असम में 73 फीसद से अधिक मतदान

  • बंगाल में शाम तक 80 फीसद वोट पड़े थे

  • नंदीग्राम में दोनों दलों के बीच लगाता झड़प

राष्ट्रीय खबर

कोलकाता गुवाहाटीः असम और पश्चिम बंगाल में दूसरे दौर का मतदान संपन्न हो चुका

है। शाम तक इन दोनों राज्यों मे क्रमशः 73.03 और 80.43 प्रतिशत मतदान होने की

सूचना चुनाव आयोग ने दी थी। समाचार लिखे जाने तक आयोग की तरफ से मतदान के

प्रतिशत का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं हुआ है। वैसे पश्चिम बंगाल के इस दूसरे चरण

के मतदान में भी मतदान के सारे पूर्व रिकार्ड टूटने के आसार साफ साफ नजर आ रहे हैं।

इस पूरे दूसरे चरण के मतदान में सबसे अधिक विवाद नंदीग्राम में ही हुआ है। यहां

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से है। दोनों दलों के

समर्थकों के बीच यहां अनेक मतदान केंद्रों पर झड़प भी हुई है। टीएमसी का आरोप है कि

मतदान केंद्रों पर तैनात अर्धसैनिक बलों के जवान भी भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं।

कई बूथों पर टीएमसी के पक्ष में वोट देने के बाद भी वीपीपैट में भाजपा की पर्ची दिखने की

भी शिकायतें मिली थी। ऐसा बयान सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो चुका था।

असम और पश्चिम बंगाल में मतदान प्रारंभ से ही तेज गति से हुआ था। मतदान केंद्रों पर

सुबह से ही मतदाताओं की कतार दिखने लगी थी। तेज धूप की वजह से अनेक मतदान

केंद्रों पर दोपहर के वक्त थोड़ा सन्नाटा नजर आया था लेकिन धूप ढलने के साथ साथ

फिर से मतदाता इन मतदान केंद्रों तक पहुंचने लगे थे। मिली जानकारी के मुताबिक

मतदान की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अनेक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं

की कतारें लगी हुई थी। इसी वजह से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मतदान का

प्रतिशत अंत अंत तक और ऊपर जा सकता है।

असम और पश्चिम बंगाल में शुरु से ही मतदान था तेज

इस बीच पश्चिम बंगाल के उलुबेड़िया में जनसभा को संबोधित करने आये नरेंद्र मोदी ने

फिर से ममता बनर्जी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम का फैसला तो जनता ने

सुना दिया है तो क्या आप किसी दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने जा रही हैं। इस बयान के

बाद टीएमसी की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी

जीत रही हैं। इसलिए किसी और सीट से भी चुनाव लड़ने का कोई अर्थ ही नहीं है। नरेंद्र

मोदी के बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा है कि यह चुनाव आयोग भी

सरकार के लिए पूरी तरह अंधा हो चुका है। देश का प्रधानमंत्री हर बार मतदान के दिन

पश्चिम बंगाल में आते हैं, दूरदर्शन से उनकी जनसभाओं की सीधा प्रचार होता है, यह

चुनाव आयोग को नजर नहीं आता है । यह भी चुनाव नियमों का उल्लंघन ही है जिसमें

सारे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। सुश्री बनर्जी ने कहा कि जब दूसरे

दलों को इस तरीके से प्रचार की अनुमति नहीं है तो चुनाव आयोग प्रधानमंत्री को ऐसा

करने से क्यों नहीं रोक पा रहा है।

महिलाओं की भागीदारी अधिक रही तो टीएमसी का पलड़ा भारी होगा

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम सहित अन्य इलाकों में भी महिलाओं का मतदान शायद

अधिक हुआ है। आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं होन के बाद भी तस्वीरों से इसकी झलक

मिल जाती है। इनमें से अधिकांश मतदाताओं ने मतदान को गोपनीय मानते हुए राय देने

से इंकार कर दिया। इसके बीच पहली बार मतदान करने वाले अथवा युवा महिला

मतदाताओं ने साफ तौर पर ममता बनर्जी के पक्ष में मतदान करने की बात कही। उनके

मुताबिक एक महिला के महिलाओं के दुख दर्द को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं। इसके

अलावा भाजपा के सारे नेताओं के खिलाफ वह अकेली शेरनी की तरह लड़ रही है। लिहाजा

बंगाली महिला होने के नाते उनका वे समर्थन कर चुकी हैं।



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