Press "Enter" to skip to content

असम और मिजोरम सीमा विवाद पर स्थिति अब भी तनावपूर्ण


  • असम सरकार ने किया मुआवजे का एलान

  • शहीद को 50 लाख और घायलों को 1 लाख

  • कांग्रेस ने भाजपा व शाह पर निशाना साधा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद को लेकर दोनों पक्षों को शांत करने के

लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब तक जितना प्रयास किया है, स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी

है। गृह मंत्रालय की तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक यह नियंत्रण में नहीं आ रहा है। अब

तक सीमावर्ती क्षेत्रों के दोनों ओर से उत्तेजना बढ़ते जा रहा है। देश के इतिहास में ऐसा पहली

बार है जब राज्य की सीमा को लेकर हिंसक झड़प का आरोप दो राज्यों असम व मिजोरम के

मुख्यमंत्री एक-दूसरे पर लगा रहे हैं। असम पुलिस के 6 पुलिस कर्मियों और 3 अन्य लोगों की

मौत के बाद दोनों राज्यों की पुलिस एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो गई है। जब राज्य की सीमा

के संवेदनशील इलाकों में सीरआरपीएफ की चार टीमों को तैनात कर दिया गया है। साथ ही 6

टीमों को तैयार रहने को कहा गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि वो स्थिति पर नजर रखे

हुए है और दोनों पक्षों पर नजर रखने के लिए सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के

जवानों को तैनात किया गया है।

असम और मिजोरम सीमा पर सीआरपीएफ तैनात

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज विवादित सीमा क्षेत्र में अपने मिजोरम

समकक्षों के साथ झड़प के दौरान 6 पुलिस कर्मियों और 3 अन्य लोगों की मौत की घटनाओं

का विवरण दिया। सरमा ने दावा किया कि करीब 6 महीने से मिजोरम के नागरिकों के साथ-

साथ सुरक्षाकर्मी राज्य के 5 सेक्टरों में अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहे हैं। बिस्वा सरमा ने

शपथ लेने के तुरंत बाद कहा (मुख्यमंत्री के रूप में) उन्होंने अपने मिजोरम समकक्ष

जोरमथंगा को मिलाया था और दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का संकल्प

लिया था । मैंने सुझाव दिया था कि हम उपग्रह के साथ तस्वीरें लेंगे और तस्वीरों के अनुसार

यथास्थिति का सीमांकन करेंगे, सरमा ने कहा कि मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा को इस

मामले में कोई आपत्ति नहीं है ।

दूसरी ओर, असम सरकार ने असम-मिजोरम तनाव में मृत पुलिस कर्मियों के परिजनों को 50

लाख रुपये देने की घोषणा की है। असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद के अचानक खूनी

संघर्ष में तब्दील हो जाने से राज्य की ‘संवैधानिक सीमा’ की सुरक्षा कर रहे असम पुलिस के 6

पुलिस जवानों और 3 अन्य लोगों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 73 अन्य

घायल हो गए। असम सरकार ने शहीद जवानों को 50-50 लाख रुपये और घायलों को एक-

एक लाख रुपये के मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम-

मिजोरम सीमा संघर्ष में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री घायल पुलिस अधिकारियों से मिलने के लिए सिलचर मेडिकल

कॉलेज पहुंचे और डॉक्टरों को उनका सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।असम

के बराक घाटी के जिले कछार, करीमगंज और हैलाकांडी मिजोरम के तीन जिलों आइजोल,

कोलासिब और मामित के साथ 164 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं।

दोनों राज्यो के बीच 164 किलोमीटर की लंबी सीमा है

यहां जमीन को लेकर दोनों राज्यों के बीच आए दिन विवाद और तनातनी की घटनाएं होती

रहती हैं। हालिया विवाद तब गंभीर हुआ जब असम की पुलिस ने अपना इलाका खाली कराने

के लिए कुछ लोगों को खदेड़ा।. असम पुलिस ने कहा कि ये लोग अतिक्रमणकारी थे। बताया

जाता है कि जिन लोगों को खदेड़ा गया था, वो मिजोरम से थे। इसके बाद विवाद बढ़ गया और

सीमा के दौरे पर गई असम सरकार की टीम पर 10 जुलाई को एक आईईडी बम भी फेंका

गया। 11 जुलाई की सुबह मिजोरम के इलाके से एक के बाद एक दो धमाकों की आवाज आई।

बताया जा रहा है कि मिजोरम-असम की सीमा पर अज्ञात बदमाशों द्वारा आठ झोपड़ियां

जला दिए जाने के बाद से तनाव पैदा हो गया था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम-मिजोरम सीमा पर टकराव को लेकर अमित शाह की निंदा

की। कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि यह बहुत चिंता का विषय है कि एक ओर दोनों राज्यों के

मुख्यमंत्री ट्विटर पर खुलेआम बहस कर रहे थे, दूसरी ओर तनाव बढ़ रहा था। पार्टी ने पूछा,

‘कल गृह मंत्री ने अंतरराज्यीय सीमा विवाद के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पूर्वोत्तर राज्यों के

मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की थी। उनके बीच क्या

हुआ? सीमा विवादों को कम करने के लिए क्या नीतियां अपनाई गईं?’ कांग्रेस ने आगे कहा,

‘यह एक बड़ी सार्वजनिक चिंता और साथ ही भयावह हास्य का विषय है कि दोनों मुख्यमंत्री

नेडा (नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस) गठबंधन के ही हैं लेकिन ट्विटर हैंडल पर एक दूसरे के

साथ खुले तौर पर बहस कर रहे हैं और उन्होंने गृह मंत्री और प्रधान मंत्री को भी टैग किया है।

राहुल की निंदा के साथ साथ कई ने शाह से इस्तीफा मांगा

हिंसा की निंदा करते हुए असम जातीय परिषद (एजेपी) ने कहा कि यह घटना अधिक महत्व

रखती है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक के एक दिन बाद हुई। एजेपी ने

कहा कि असम और मिजोरम दोनों में सरकारें नेडा का हिस्सा हैं, जिसके संयोजक असम के

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा हैं । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम-मिजोरम

सीमा विवाद के अचानक बढ़ने से भड़की हिंसा में कई लोगों के मारे जाने पर दुख जताते हुए

मंगलवार को आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने ‘लोगों के जीवन में घृणा और

अविश्वास का बीज बोकर’ एक बार फिर देश को निराश किया है । उन्होंने हिंसा से जुड़ा एक

वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवारों के प्रति गहरी

संवेदना है । मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं । कांग्रेस नेता ने दावा किया,

‘गृह मंत्री ने लोगों के जीवन में घृणा और अविश्वास का बीज बोकर एक बार फिर देश को

निराश किया है. भारत अब भयावह नतीजों से दो-चार हो रहा है।असम कांग्रेस के नेता सह

विधायक कमलख्या पुरकायस्थ ने मंगलवार को मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को

अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए । पुरकायस्थ ने कहा कि असम- मिजोरम की सीमाओं में

चल रहे तनाव पर ध्यान देने के लिए कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधि कल सिलचर पहुंचेगा।

उन्होंने आगे सवाल किया, केंद्रीय गृह मंत्री असम आए, सीमा मुद्दों पर चर्चा की, ऐसी घटना

कैसे होती है? उन्होंने कहा कि जो सरकार अपने लोगों को संरक्षण नहीं दे सकती, उसे इस्तीफा

दे देना चाहिए । विपक्षी दल ने गृहमंत्री अमित शाह को पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

Spread the love
More from HomeMore posts in Home »
More from असमMore posts in असम »
More from एक्सक्लूसिवMore posts in एक्सक्लूसिव »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from मिजोरमMore posts in मिजोरम »
More from विधि व्यवस्थाMore posts in विधि व्यवस्था »

One Comment

Mission News Theme by Compete Themes.