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24 किलोमीटर पैदल चलकर चीन सीमा के गांव पहुंचे मुख्यमंत्री पेमा खांडू

  • मात्र दस घरों के इस गांव में 58 लोग

  • बैठकर सभी की समस्याएं ध्यान से सुनी

  • पूरे सफर में मात्र एक सुरक्षाकर्मी था उनके साथ

  • खानाबदोश जनजाति से मिलने 11 घंटे का सफर

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: 24 किलोमीटर लगातार पैदल चलना किसी मुख्यमंत्री के लिए कठिन काम

लगता है। इसी कठिन काम को पूरा कर दिखाया है अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा

खांडू ने। वह चीन और भूटान की सीमा पर अवस्थित एक दुरुह इलाके के गांव में जा

पहुंचे। जब से चीन का इस इलाके पर दबाव और दावा बढ़ा है, सीमा पर सेना सतर्क है।

इसी बीच अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसने सभी

को सोचने पर मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू 11 घंटों में 24 किलोमीटर सड़क का

पैदल पहाड़ी चीन और भूटना से सीमा क्षेत्र इलाका में सफर किया।

अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू का यह कदम राज्य के आम लोगों के प्रति उनके प्यार

को दर्शाता है। आपने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अमूमन कारों के काफिले में कड़ी सुरक्षा

के बीच चलते देखा होगा, लेकिन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कुछ ऐसा कर

दिखाया जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।

दरअसल, मुख्यमंत्री खांडू ने अपने निर्वाचन क्षेत्र मुत्तो के लुगुथांग गांव में रहने वाली एक

खानाबदोश जनजाति के लोगों से मिलने के लिए 11 घंटों में 24 किलोमीटर का पहाड़ी

सफर पैदल तय किया है। उनके इस प्रयास की प्रशंसा हो रही है। खांडू अपने निर्वाचन क्षेत्र

मुत्तो के लुगुथांग गांव में रहने वाली एक खानाबदोश जनजाति से मिलना चाहते थे। यह

तवांग जिले की थिंग्बु तहसील में आता है। यह गांव दूर पहाड़ी इलाके में मौजूद है। गांव में

जाने के लिए कोई सड़क भी नहीं है। वहां तक पहुंचने के लिए कई कठिनाईयों का सामना

करना पड़ा है। मगर, खांडू ने सभी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए वहां जाने का निर्णय

लिया।

24 किलोमीटर के इस सफर में कोई ताम झाम नहीं था

एक सुरक्षा गार्ड और कुछ ग्रामीणों के साथ उन्होंने 11 घंटों में 24 किलोमीटर का पहाड़ी

सफर पैदल तय किया है। लुगुथांग गांव में वो तीन दिवसीय दौरे पर हैं. इस गांव में

खानाबदोश जनजाति के 58 लोगों के 10 घर हैं। खांडू इनमें से ही एक गरीब के घर रुके।

वहां उन्होंने लोगों से उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हल करने की बात कही। मुख्यमंत्री

कार्यालय के बयान में बताया गया है कि मुख्यमंत्री पहले कभी भी लुंगथांग में नहीं गए थे।

यह तवांग जिले की थिंग्बु तहसील में आता है। यह चीन और भूटान से सीमा साझा करता

है। यह तवांग मुख्यालय से 97 किलोमीटर दूर स्थित है। मुख्यमंत्री ने 6 सितंबर को

अपना तीन दिवसीय सफर शुरू किया था और कुछ ग्रामीणों को अपने साथ लिया था। वह

करीब 11 घंटे में 24 किलोमीटर का पहाड़ी सफर पैदल तय करते हुए देर शाम गांव पहुंचे

थे।बता दें कि 40 वर्षीय मुख्यमंत्री पेमा पूर्व मुख्यमंत्री दोराजी खांडू के सबसे बड़े बेटे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री की साल 2011 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके बाद से

ही पेमा खांडू अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ने में जुटे हुए हैं।मुख्यमंत्री पेमा खांडू की

पढ़ाई हिंदू कॉलेज से हुई है। 2016 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपनी अलग पार्टी पीपल्स

पार्टी ऑफ अरुणाचल बनाई थी, लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए।


 

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