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असम के सीएम के फर्जी हस्ताक्षर के करोड़ों की निकासी

  • उत्तरप्रदेश से पांच लोगों को विजिलेंस टीम ने पकड़ा
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम के सीएम के फर्जी हस्ताक्षर के करोड़ों की हेराफेरी करने वालों को असम

पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया।मुख्यमंत्री के विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ की एक

टीम ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बस्ती जिलों के दूरदराज के इलाकों में छापा मारा

और असम के मुख्यमंत्री राहत कोष से धोखाधड़ी करने के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा।

पुलिस ने बताया कि पांच आरोपियों को गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के बस्ती क्षेत्रों से

हिरासत में लिया गया था। जिन्हें सोमवार को गुवाहाटी लाया गया।मुख्यमंत्री कार्यालय ने

राहत कोष में लेनदेन के संबंध में कुछ विसंगतियों का पता लगाया था और सीएम के

विशेष सतर्कता सेल को इस मामले की जांच करने और इसे 15 दिनों के भीतर हल करने

का निर्देश दिया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ मात्रा में असम के

मुख्यमंत्री के चेक और हस्ताक्षरों को जाली करके हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में

चेक द्वारा वापस ले लिया गया था। सेल के पुलिस अधीक्षक रोजी कलिता ने 12 अगस्त

को एक जांच के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की जिसमें हरियाणा और उत्तर प्रदेश में चेक

द्वारा पैसे की धोखाधड़ी को उजागर किया गया था। कलिता ने कहा कि सेल के सात

पुलिस कर्मियों ने गोरखपुर और बस्ती में कुछ इलाकों में छापा मारा और पांच लोगों को

पकड़ा। पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार लोगों ने कहा कि उन्होंने

पहले भी इसी तरह से दूसरे राज्यों से भी पैसे निकाले हैं।

असम के सीएम के अलावा दूसरे राज्यों में भी ठगी

कलिता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने टीम को पूर्ण समर्थन दिया।उन्होंने कहा कि

सरकार द्वारा फर्जी तरीके से निकाले गए सरकारी पैसे को राष्ट्रीयकृत बैंक ने वापस कर

दिया। फर्जी चेक के जरिए बैंक से रुपये निकालने के मामले में असम प्रांत की विजिलेंस

टीम गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के बस्ती क्षेत्रों पहुंची। कोतवाली पुलिस की मदद से

अलग-अलग क्षेत्र के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को कोर्ट में पेश किया

गया, जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर टीम असम में लाया गया है। मुख्यमंत्री के

विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ की पुलिस अधीक्षक रोजी कलिता ने गुवाहाटी में एक पत्रकार

सम्मेलन में कहा कि कोतवाल रामपाल यादव ने बताया कि असम के आर्थिक अपराध

शाखा में आईपीसी की धारा 420, 406, 409, 419, 468 व अन्य धाराओं में कुछ महीने

पहले मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी सिलसिले में दो आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय का गैर

जमानती वारंट लेकर असम विजिलेंस टीम पहुंची थी। संयुक्त टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर

पूछताछ की तो तीन अन्य का नाम प्रकाश में आया। इस मामले में कोतवाली के

गांवगोड़िया निवासी मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आरिफ, लालगंज थानांतर्गत गौरा

निवासी रविन्द्र कुमार उर्फ मुन्ना यादव, हर्रैया थानांतर्गत तेनुआ निवासी लालजी और

मुंडेरवा थानांतर्गत बनकसही निवासी सर्वेश राय को गिरफ्तार कर लिया।


 

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