सिंगापुर में दूसरे स्विस बैंक को भी बंद करने का आदेश

सिंगापुर में दूसरे स्विस बैंक को भी बंद करने का आदेश
  • परत दर परत खुल रही सिंगापुर गबन के मामले

विशेष प्रतिनिधि



सिंगापुरः सिंगापुर में अब दूसरे स्विस बैंक को भी अपना कारोबार बंद करने का आदेश दिया गया है।

इसके पहले भी वहां की पूर्व सरकार द्वारा सरकारी राशि के गबन के मामले में एक स्विस बैंक को बंद कराया गया था।

सरकारी कोष से करोड़ों डॉलर के गबन का यह मामला परत दर परत खुलता जा रहा है।

इसमें हर रोज नये चेहरे सामने आ रहे हैं।

अब तक कि सूचनाओं के मुताबिक इसकी आंच भारत तक भी पहुंच सकती है।

सिंगापुर के जिन स्विस बैंकों को कारोबार समेटने का आदेश दिया गया है,

उन्हें सामान्य बैंकिंग नियमों का उल्लंघन कर इस सरकारी धन की हेराफेरी में सहयोग करने का दोषी पाया गया है।

सिंगापुर में आर्थिक मामलों की निगरानी करने वाली प्राधिकार ने फाल्कन बैंक को

कारोबार बंद करने का आदेश देते हुए कहा है कि यह बैंक हवाला कारोबार को रोकने के

सामान्य प्रावधानों का पालन करने में विफल रही है।

सिंगापुर के अलावा स्विस और अमेरिका भी कर रहे हैं जांच

आरोप है कि स्थानीय बैंक अधिकारियों के अलावा स्विस बैंक के शीर्ष लोग भी इसमें सहभागी रहे हैं।

इस गड़बड़ी के लिए बैंक पर 31 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है।

इसकी 14 शाखाओं में इस किस्म की गड़बड़ी पायी गयी है।

इसके तहत कुछ पैसा आतंकवादी की मदद के लिए भी भेजे जाने का आरोप लगाया गया है।

सिंगापुर को एशिया क्षेत्र ही नहीं बल्कि दुनिया में आर्थिक गतिविधियों का अन्यतम व्यस्त केंद्र माना जाता है।

वहां सत्ता पलट होने के पहले से ही सरकारी कोष के दुरुपयोग का आरोप सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ चुका था।

सत्ता पलट होने के बाद इस मामले की जांच के आदेश दिये गये थे।

पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक को इसके लिए दोषी ठहराया गया है।

नजीब और आरोप के केंद्र में आये 1एमडीबी (बैंक) ने इन आरोपों को गलत बताया है।

यहां से आतंकवादियो की फंडिंग की सूचना मिलने के बाद स्विटजरलैंड और अमेरिका दोनों ने अपने अपने स्तर पर जांच प्रारंभ कर दी है।

सिंगापुर की जांच में यह पाया गया है कि स्थानीय डीबीएस और उसके स्विस सहयोगी यूबीएस की कई शाखाओं ने मिलजुलकर यह गड़बड़ी की है।

इसलिए सरकारी धन में से कितना कहां भेजा गया है, उसे समझने में इतना समय लग रहा है।

सिंगापुर के 32 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी बैंक को बंद करने का ऐसा आदेश दिया गया है।

जांच प्रारंभ होते ही जांच दल ने 18 करोड़ डॉलर की संपत्ति जब्त की थी।

लिहाजा यह माना जा रहा है कि सरकारी धन के दुरुपयोग का असली आंकड़ा काफी ज्यादा हो सकता है।

बताते चलें कि पेरिस की एक एजेंसी ने पिछले माह सिंगापुर सरकार को

इस किस्म के अवैध लेनदेन से हवाला कारोबार का लाभ आतंकवादियों को मिलने की बात कही थी।

सिंगापुर एमएएस प्रमुख रवि मेनन ने कहा कि सफाई उनकी जिम्मेदारी है

अब एमएएस के नये प्रमुक रवि मेनन ने स्पष्ट कर दिया है कि सिंगापुर को

इस लिहाज से पूरी तरह साफ सुथरा रखना भी उनकी जिम्मेदारी है।

ताकि सिंगापुर पर दुनिया भर के लोगों का भरोसा कायम रह सके।

जांच के दायरे में स्टैडर्ड चार्टड बैंक और रॉफेल मनी एक्सचेंज का नाम आने की वजह से इसके तार भारत से भी जुड़ने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

इन दोनों संस्थानों ने भारतीय लेन-देन काफी अधिक है।

अनेक भारतीयों ने भी अपने व्यापारिक सुविधा के लिए यहां खाता खोल रखा है, जिनसे वे विदेशी मुद्रा का भुगतान करते हैं।

इसलिए जांच अधिकारियों द्वारा मुंह नहीं खोलने के बाद भी जांच की आंच भारत तक आने की आशंका व्यक्त की गयी है।



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