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नाराज ग्रामीणों से आरोपियों के चार घरों को किया आग के हवाले

  • हत्या के आरोपी की ग्रामीणों ने किया सेंदरा

  • पुलिस की तत्परता से बच गयी दूसरों की जान

  • पुलिस ने दिखाई तत्परता बड़ा हादसा होने से टला

  • पीड़ित परिवार को बिशुनपुर विद्यालय में किया गया शिफ्ट
प्रतिनिधि

पीरटांड़ः नाराज ग्रामीणों ने आज पुलिस के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी।

गिरिडीह के पीरटांड प्रखंड स्थित बिशुनपुर पंचायत के पीपराडीह गांव में

भूमिविवाद में ग्रामीणों ने 30 वर्षीय युवक सुरेश मरांडी का सेंदरा पारंपरिक हथियारों से

कर दिया। जिस जमीन को लेकर दो आदिवासी टोलो के बीच खूनी संघर्ष हुआ है। वह

भूदान द्वारा सुरेश मरांडी के पिता समेत उसके गोतिया के लोगों का बताया जाता है।

नाराज ग्रामीणों के हमले के बाद का घटनाक्रम वीडियो में देखिये 

जानकारी के अनुसार मृतक सुरेश मरांडी कई नक्सली कांड में भी शामिल था। सुरेश

मरांडी को चार तीर लगने की बात सामने आई है। तीर-धनुष और टांगी समेत पांरपरिक

हथियार से लैस हो कर पहुंचे 500 की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ पीपराडीह के दूसरे टोले

के आदिवासी थे। जबकि पीपराडीह गांव के जिस आदिवासी टोले में यह वीभत्स घटना हुई

है। वह दूसरे छोर में है। जानकारी के अनुसार शनिवार की यह घटना बीतें 4 जून को दूसरे

टोले के हीरा लाल किस्कू की हत्या का प्रतिशोध बताया जा रहा है। हीरा लाल किस्कू की

हत्या के बाद पीरटांड थाना में हीरा लाल के परिजनों ने सुरेश समेत सात नामजद पर

हत्या का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था।

भूदान की जमीन को लेकर दोनों पक्षों का विवाद था

केस दर्ज होने के बाद से सुरेश मरांडी समेत सातों फरार था। शनिवार की सुबह दूसरे टोले

के नाराज ग्रामीणों को जानकारी मिली, कि सुरेश मरांडी समेत सातों अपने-अपने घर आएं हुए है।

इसी जानकारी के बाद हीरा लाल के टोला ओर बगल के एक टोला के पांच सौ ग्रामीण सुरेश

मरांडी के टोला पहुंचते ही घेर लिया। सुरेश मरांडी का सेंदरा करने से पहले ग्रामीणों ने

सुरेश समेत उसके चार गोतिया के घर को घेर लिया। इसके बाद चारों के घर को आग के

हवाले कर दिया। यही नही सबों के घर के दरवाजे भी बाहर से बंद कर दिया। इस दौरान

इस टोले के बाहर बांस-बल्ली का गेट बना दिया। जिसे कोई भाग नहीं सके। ग्रामीणों ने

जिनके घरों को आग के हवाले किया। उसमें मृतक सुरेश के पिता मोती लाल मरांडी,

रसिक मरांडी, बिहारी मरांडी, करमा मरांडी शामिल है। आग लगाने के बाद मृतक नक्सली

सुरेश मरांडी समेत कई महिलाओं और बच्चों की जमकर पीटाई भी की। इसी बीच मृतक

नक्सली का मामा छोटू मरांडी भी सूचना पर पहुंचा, तो ग्रामीणों ने बताया कि गावँ में

कोरोना है।यहीं रुको आगे मत जाओ।

नाराज ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन ने किसी तरह मनाया

इस बीच जानकारी मिलने के तुरंत ही पीरटांड थाना पुलिस पहुंची ओर बड़ी घटना को होने

से रोका।हालांकि ग्रामीणों की संख्या अधिक रहने के कारण थाना प्रभारी अशोक प्रसाद

समेत पुलिस जवान स्थिति को बहुत ही मुश्किल से संभाल पाएं।स्थिति संभालने के

पुलिस को 5 राउंड फायरिंग भी करनी पड़ी।हालांकि इस बीच ग्रामीणों की भीड़ ने सुरेश के

परिवार समेत उसके गोतिया के आठ लोगों को जिंदा जलाने का प्रयास किया।  पुलिस के

कार्रवाई के बाद ग्रामीणों की भीड़ पीछे हटने को मजबूर हुई।इधर घटना की जानकारी

मिलने के बाद डीसी राहुल सिन्हा, एसपी सुरेन्द्र झा, डुमरीएसडीएम प्रेमलता मुर्मु, एएसपी

दीपक कुमार और डुमरी एसडीपीओ नीरज सिंह,इंस्पेक्टर दिनेश सिंह,पीरटांड़ बीडीओ

समीर अल्फ्रेड मुर्मु,सीओ विनय प्रकाश तिग्गा, थाना प्रभारीअशोक प्रसाद,सहायक अवर

निरीक्षक अनीस पांडेय,अनितेश पांडेय समेत काफी संख्या में पुलिस जवान पहुंचे और

स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान डीसी के निर्देश परआगलगी का शिकार हुए सुरेश

मरांडी समेत उसके गोतिया के घरों का आग बुझाया गया।

लेकिन घटना में चार परिवार के सदस्यों का सब कुछ जल गया

स्थिति यह है कि अब पीड़ित लोगों ने गांव में रहने से भी इंकार कर दिया। फिलहाल डीसी

के निर्देश पर प्रभावित लोगों को बिशनपुर पंचायत भवन के स्कूल भवन में रखा गया है।

गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अब भी कैंप की हुई है।

एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि पुलिस की तत्परता से 8 लोगों की जान बच गई।

समय रहते पुलिस अगर मौके पर नहीं पहुंचती तो ग्रामीणों के हाथों सभी आठ लोग मारे

जाते। स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी

है।


 

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