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राजनीतिक बयानबाजी के बीच झारखंडी मजदूरों के लिए नई व्यवस्था का एलान

  • झारखंड ने 110 ट्रेनों की एनओसी दे दी हैः हेमन्त सोरेन
संवाददाता

रांचीः राजनीतिक बयानबाजी तेज होने का क्रम आज रेल मंत्री के इस बयान से तेज हुआ

कि कई राज्य अपनी तरफ से मजदूरों को ले जाने के लिए कोई पहल नहीं कर रहे हैं। रेल

मंत्री पियूष गोयल का यह बयान सोशल मीडिया पर आने के तुरंत बाद भाजपा ने इसी

बहाने झारखंड सरकार पर हमले प्रारंभ कर दिये। दूसरी तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा भी श्री

गोयल के बयान की धज्जी उड़ाने मैदान में उतर आयी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने केंद्रीय

रेल मंत्री पीयूष गोयल को अवगत कराते हुए कहा कि रेल मंत्रालय द्वारा आप तक सही

जानकारी नहीं पहुँचायी गयी। झारखंड सरकार ने अबतक 110 ट्रेनों की एनओसी दे दी है

और 50 ट्रेनों में लगभग 60 हजार से ज्यादा श्रमिक घर लौट चुके हैं। झारखंड ने देश में

सबसे पहले ट्रेन चलाने का आग्रह किया था। श्री सोरेन ने कहा है कि वह फिर से झारखंड

के लिए अधिक से अधिक ट्रेन चलाने का अनुरोध कर रहे हैं। अभी प्रतिदिन 4 से 6 ट्रेनें

झारखंड आ रही हैं जो राज्य के लगभग 7 लाख श्रमिकों को वापस लाने हेतु पर्याप्त नहीं

हैं। आशा है कि आप इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए राज्यवासियों की सहायता करेंगे। इस

बयान से स्पष्ट हो गया है कि हेमंत सोरेन केंद्रीय रेल मंत्री के बयान के खिलाफ खुलकर

मैदान में आ गये हैं। वैसे उनका यह दावा सही है कि सारे देश में सबसे पहले मजदूरों को

लेकर आने वाली ट्रेन झारखंड की थी। उस वक्त भी मजदूरों का किराया कौन देगा, इस पर

राजनीतिक बवाल हुआ था।

राजनीतिक बयानबाजी में भाजपा वनाम झामुमो

केंद्रीय रेल मंत्री के बयान से इतना तो कमसे कम स्पष्ट हो गया कि झारखंड सहित अन्य

राज्यों के मजदूरों की वापसी में अब राजनीति पूरी तरह हावी है। इसी क्रम में नाराज

मजदूरों को अपने पक्ष में करने की पहल प्रारंभ हो चुकी है। वैसे भी यह समझा जा रहा है

कि इतनी अधिक संख्या में मजदूरों के अपने गांव लौट जाने से अनेक विकसित राज्यों का

आर्थिक संतुलन बिगड़ने वाला है। दूसरी तरफ जहां यह मजदूर लौट रहे हैं वहां भी रोजगार

सृजन की बड़ी चुनौती सामने आती जा रही है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि मजदूरों की

वापसी के रास्ते में रोड़े अटकाने वालों की पहचान अंततः हो जाएगी और उसके दूरगामी

राजनीतिक परिणाम भी होंगे।

हवाई उड़ान चालू करने की भी रांची में तैयारी

हवाई उड़ान सेवा फिर से चालू होने की तैयारियों में रांची हवाई अड्डे को भी नये सिरे से

तैयार किया जा रहा हैं। इतने दिनों के लॉक डाउन के बाद बंद पड़े हवाई अड्डे को व्यवस्था

सुधारा जा रहा है। वैसे इस दौरान अब हवाई अड्डे में भी सोशल डिस्टेंसिंग का प्रावधान

लागू करने के प्रबंध किये जा रहे हैं। यात्रियों के लिए पर्याप्त दूरी पर खड़े होने के लिए

निशान लगाये जा चुके हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान नये सिरे से पूरी

व्यवस्था की जांच भी कर रहे हैं।


 

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