अंडमान में मारा गया अमेरिका शायद अकेला नहीं था ?

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  • पुलिस की जांच में हर रोज आ रही है नई जानकारी

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः अंडमान में सेंटीनल आदिवासियों द्वारा मारा गया अमेरिकी पर्यटक सह धर्म प्रचारक अकेला नहीं था।

वहां की पुलिस ने जांच के क्रम में यह प्रारंभिक निष्कर्ष निकाला है।

पुलिस का मानना है कि अमेरिकी पर्यटक के उस प्रतिबंधित इलाके में जाने के पीछे दूसरे लोग भी सक्रिय था।

अमेरिकी पर्यटक जॉन चाउ ने वहां के आदिवासियों को ईसाई बनाने के ख्याल से

वहां जान-पहचान बनाने की कोशिश की थी।

इसी क्रम में उग्र आदिवासियों ने उसे तीर से मारने के बाद फांसी पर लटका दिया था।

कई प्रयासों के बाद भी उसकी लाश को वहां से नहीं निकाला जा सका है

क्योंकि वहां हेलीकॉप्टर जाने पर भी आदिवासी तीर से हमला कर रहे हैं।

यहां के सेंटीनल आदिवासियों की आबादी इतनी कम है कि

उन्हें संरक्षित जनजाति घोषित कर उनके लिए अलग कानून बनाये गये हैं।

चूंकि वे बाहर की दुनिया से संपर्क नहीं रखते, इसलिए वहां बाहरी लोगों के जाने पर पूर्ण पाबंदी है।

पूरे मामले की जांच से जुड़े जो तथ्य अब सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक चाउ के साथ

दूसरे लोग भी थे, जो इस योजना को अंजाम दे रहे थे।

अंडमान में चाउ की योजना को दूसरे अंजाम दे रहे थे

पुलिस के मुताबिक दो अमेरिकी नागरिक यहां आने के बाद चाउ के साथ नियमित तौर पर मिल रहे थे।

इनकी पहचान भी बतायी गयी हैं।

इनमें से एक 53 वर्षीया महिला टेनेसी की निवासी है जबकि कोलाराडो का 25 वर्षीय युवक उनके साथ था।

पुलिस ने जांच के लिहाजा से दोनों के नाम बताने से इंकार कर दिया है।

वैसे दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय को इसकी पूरी रिपोर्ट भेजी गयी है।

पुलिस के मुताबिक यह दोनों लोग 5 से 10 नवंबर तक अंडमान में रहे।

एक स्थनीय निवासी अलेकजेंडर के यहां तीनों की नियमित बैठकें हुई।

पुलिस के मुताबिक कोलाराडो का युवक भारत आने के बाद सीधे अंडमान गया था

जबकि अमेरिकी महिला गत अक्टूबर माह से ही भारत में थीं।

दोनों लोग 10 को अंडमान छोड़कर चले गये थे।

चाउ ने अपनी नोट में इस बात का उल्लेख किया है कि वह 11 नवंबर को सेंटीनल द्वीप जाना चाहता है।

एक तूफान के आने की वजह से वह नहीं जा पाया और 14 तक वहीं रूका रहा।

उसकी अपनी डायरी के मुताबिक वह कई महीनों तक वहां रहते हुए वहां के

आदिवासियों को अपने साथ जोड़कर उन्हें ईसाई बनाना चाहता था।

इसके अलावा भी पुलिस को गिरफ्तार किये गये पांच मछुआरों से इस बात की भी जानकारी मिली है कि

जाने के लिए चाउ ने उन्हें 25 हजार रुपये दिये थे।

इन तमाम तथ्यों के आधार पर पुलिस  जांच को इस दिशा में आगे बढ़ा रही है।

जिसमें इस बात की आशंका है कि चाउ के सेंटीनल द्वीप पर जाने के अभियान से वह अकेला नहीं बल्कि एक पूरा समूह जुड़ा हुआ था।

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