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एंबुलेंस केस में चौबीस घंटे बाद भी एफआईआर क्यों, आईजी से जांच हो

  • पप्पू यादव ने राजीव प्रताप रूडी पर धमकी देने का लगाया आरोप

  • बिहार को पीएम केयर से मिले 600 वेंटिलेटर में एक भी चालू नहीं

  • संबंधित अधिकारियों पर दर्ज हो 302 का मुकदमा

  • रूडी ने केंद्र के भूस्वामी को अभी तक नहीं दिया पैसा

राष्ट्रीय खबर

पटना : एंबुलेंस केस में गहराए विवाद के बीच अब जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

पप्पू यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, उनके करीबी और उनके दामाद पर जान

से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर आज पप्पू यादव ने पटना में

प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जहां उन्होंने गालीगलौज भरे ऑडियो भी सुनाया। साथ ही पप्पू यादव

ने तत्कालीन डीएम पंकज पाल के ट्रांसफर की जांच की मांग भी मुख्यमंत्री से कर दी और

कहा कि डीएम पंकज पाल ने रूडी का एंबुलेंस ये कहते हुए जब्त किया था कि वे इसका

इस्तेमाल निजी कार्यों में करते हैं। फिर रूडी ने मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से मिलकर एक

सप्ताह में उनका ट्रान्सफर करा दिया था। पप्पू यादव ने पूछा कि जब डीएम ने उनका

एंबुलेंस जब्त किया तो फिर उन्हें ये मिला कैसे और इन एंबुलेंस ड्राइवरों को वेतन कौन दे

रहा, इसकी भी जांच होनी चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि रूडी जी के पटना आवास पर

रहने वाले बबलू चौबे और उनके दामाद अभिमन्यु त्यागी हमारे एक वर्कर मनीष विशाल

को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। क्या रूडी जी का स्तर यही है और क्या जान से

मारने से बिहार के मरीजों की जान बच जाएगी? अगर उन्हें कुछ होता है तो इसके

जिम्मेदारी रूडी होंगे। उन्होंने रूडी के कौशल प्रशिक्षण केंद्र की जमीन का दस्तावेज

दिखाते हुए कहा कि अभी तक उन्होंने भूस्वामी को पैसे तक नहीं दिए हैं। उन्होंने अमनौर

में हुए केस पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि यह केस राजनीति से प्रेरित है, क्योंकि

जब हम गए तो वहां हमने शांतिपूर्ण तरीके से चीज़ों को उजागर किया।

एंबुलेंस केस में शिकायत करने वालों के फोन लोकेशन जांचा जाए

उस वक़्त केस करने वाले लड़के मौजूद भी नहीं थे। इस मामले की सच्चाई के लिए आईजी

के नेतृत्व में जांच हो और उन लड़कों का फ़ोन लोकेशन निकाला जाए। सब साफ हो

जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल तो ये उठता है कि घटना के 24 घंटे बाद

एफआईआर दर्ज हुआ, घटना के तुरन्त बाद क्यों नहीं? हम जब वहां गए थे तो स्थानीय

पत्रकार भी मौके पर मौजूद थे। जाप अध्यक्ष ने आगे कहा कि 11 हजार करोड़ के पीएम

केयर फंड से बिहार को 600 वेंटिलेटर मिले थे, आज उनमें से एक भी चालू क्यों नहीं है।

इस मामले स्वास्थ्य विभाग और उनके पदाधिकारियों पर 302 का मुकदमा दर्ज हो।

क्योंकि अगर ये चालू अवस्था में होते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने

सरकार के अधिकारियों पर रेमडीसीवीर बेचने का भी आरोप लगाया और कहा कि

लगातार अधिकारी ये दवाई बेच रहे हैं और अभी भी एंबुलेंस की माफियागिरी राज्य में

जारी है। हम सरकार से मांग करते हैं कि 72 घंटे के अंदर वे सभी एंबुलेंस को अपने कब्जे

में लेकर उसका परिचालन जनहित में शुरू करे।

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