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अमेजन के जंगलों से नया वायरस फैलने का खतरा बढ़ा




  • अनेक जंगली जानवरों में होता है वायरस

  • इन जानवरों में प्रतिरोधक भी मौजूद होता है

  • इंसानी शरीर में इन वायरसों का प्रतिरोध नहीं होता

  • कोरोना के बाद अब दूसरी महामारी के फैलने का खतरा

ब्राजिलियाः अमेजन के जंगलों से भी अब कोरोना के बाद दूसरा वायरस फैल सकता है। दरअसल वैज्ञानिकों का मानना है कि जंगली जानवरों में मौजूद वायरस तब फैलते हैं जब प्राकृतिक जंगल नष्ट होते हैं।




चीन में कोरोना वायरस भी चमगादड़ों से कैसे फैला है, यह स्पष्ट नहीं होने के बाद भी यह प्रमाणित सत्य है कि यह जंगली जानवरों का वायरस था जो किसी वजह से इंसानों के बीच आ गया है।

वैज्ञानिक मानते हैं कि जब जंगलो में अधिक छेड़छाड़ होती है तो पर्यावरण असंतुलन की वजह से ऐसे वायरस आबादी वाले इलाकों तक फैल जाते हैं।

अमेजन के जंगलो में भी यही स्थिति बनी है। वहां के वर्षा वन इस बेरहमी से काटे गये है कि वहां का पर्यावरण संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है।

ऐसी स्थिति में किसी नये वायरस के वहां के जंगलों से इंसानों तक फैलने की आशंका दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है।

वैसे इसकी आशंका व्यक्त करने वाले वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि ऐसी स्थिति कब आयेगी, इस बारे में पहले से कुछ बताया नहीं जा सकता।

लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि जो वायरस जंगलों में मौजूद हैं, वे जंगल नष्ट होने के बाद किसी न किसी इलाके में तो फैलेंगे।




जब वे आबादी वाले इलाकों तक पहुंचेंगे तो इंसान का उनसे प्रभावित होना तय है। अमेजन के जंगलों में से ढेर सारा इलाका औद्योगिक एवं कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए काटकर साफ कर दिया गया है।

अमेजन के जंगलो में खूब पेड़ काटे गये हैं

उन इलाको में जो वायरस मौजूद रहे होंगे, उसका कुछ हिस्सा तो खुले मैदानों से होता हुआ आबादी वाले इलाकों में आयेगा, यह एक स्वाभाविक बात है।

एक वैज्ञानिक गणना के मुताबिक जंगल में 1.6 मिलियन वायरस होते हैं। यह जंगली जानवरों और पक्षियों में रहते हैं क्योंकि उनमें इन वायरसों के प्रतिरोध की क्षमता प्राकृतिक तौर पर मौजूद होती है।

लेकिन इंसान इस वायरसों का मुकाबला करने के लिए प्राकृतिक तौर पर नहीं बना है। इसलिए कोरोना की तरह जब कोई वायरस इंसानी शरीर में प्रवेश करता है तो वायरस के अपने गुण के तहत वह न सिर्फ संक्रमित इंसान को बीमार बनाता है बल्कि उसे अपना माध्यम बनाता हुआ आगे फैलता चला जाता है।

ऐसा ही कोरोना वायरस के साथ भी हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक अब तक दुनिया में जितनी बार भी महामारी जैसी स्थिति बनी है, उसमें से अधिकांश जंगल में छेड़छाड़ किये जाने की वजह से ही इंसानों तक आये हैं।

ब्राजिल के बारे में अनुमान है कि अमेजन के जंगलों में जो वर्षा वन हैं, उसका दो लाख सत्तर हजार वर्ग मील से अधिक के इलाके के जंगल काट दिया गया है।

आकार में यह जर्मनी देश से लगभग दोगुणा है। इसलिए यह माना जा सकता है कि अमेजन के जंगलों से भी कोरोना जैसा कोई नया वायरस फिर से इंसानी जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।



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