असम गण परिषद और भाजपा के गठबंधन पर संशय के बादल

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  • अगप और भाजपा का प्रदेश नेतृत्व एक दूसरे के खिलाफ

  • अगप की टीम 13 सीटों पर प्रत्याशी चयन में जुटी

  • पार्टी महासचिव ने कांग्रेस से तालमेल से किया इंकार

  • हेमंत विश्वशर्मा ने जानकारी नहीं होने की बात कही

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम गण परिषद और भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लोकसभा चुनाव में गठबंधन पर अब कोई बात नहीं हो रही है।

लोकसभा चुनाव के औपचारिक एलान के बाद भी यहां दोनों पक्षों से मिलकर चुनाव लड़ने संबंधी कोई जानकारी अब तक नहीं आयी है।

दूसरी तरफ राजनीतिक जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि असम गण परिषद का एक बड़ा वर्ग अब अकेले चुनाव लड़ने के पक्ष में है।

यहां की 13 लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया अगप ने जारी रखी है।

इसी आधार पर ऐसा निष्कर्ष निकाला जा रहा है। वैसे पार्टी के महासचिव इस चुनाव में

कांग्रेस के साथ किसी किस्म का तालमेल होने की संभावना से साफ तौर पर इंकार कर दिया है।

पार्टी महासचिव रमेंद्र नारायण कलिता ने इसकी जानकारी देने के साथ ही साफ किया है कि

भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

असम गण परिषद ने इससे पूर्व एक नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।

इस कमेटी को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी।

अब ऐसा माना जा रहा है कि यह नौ सदस्यीय कमेटी ही भाजपा के साथ गठबंधन के फायदा नुकसान को तौलकर अपना फैसला सुनायेगी।

वैसे पार्टी महासचिव ने इस बात से इंकार नहीं किया है कि पार्टी अब भी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में है।

याद रहे कि एनआरसी के मुद्दे पर मतभेद उभरने के बाद अगप के मंत्रियों ने कैबिनेट से त्यागपत्र दे दिया था।

इसके साथ ही पार्टी के सभी सदस्यों ने सरकारी तमाम पदों तो तत्काल प्रभाव से छोड़ दिया था।

उसके बाद से ही दोनों दलों के रिश्ते तल्ख हो गये थे।

संभावित गठबंधन की उम्मीदों पर भाजपा के कद्दावर नेता हेमंत विश्व शर्मा ने

कोई जानकारी नहीं होने की बात कही है।

इससे स्पष्ट हो गया है कि भाजपा का स्थानीय नेतृत्व भी अब अगप को अपने

पाले में रखने के लिए बहुत अधिक अनुरोध नहीं करने वाला है।

दरअसल पंचायत चुनाव में अगप से अलग रहकर भाजपा ने जो सफलता हासिल की है,

उसके आधार पर यह अनुमान है कि अगप के साथ नहीं होने के बाद भी

असम की लोकसभा सीटों पर भाजपा को कोई अधिक परेशानी नहीं होने वाली है।

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