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प्राथमिक विद्यालयों को क्वारंटाइन केंद्र बनाया इटावा के 471 पंचायतों में

इटावाः प्राथमिक विद्यालयों का इस्तेमाल भी कोरोना की रोकथाम के लिए किया जाने

वाला है। यहां के सभी 471 ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक विधालयों को विलेज

क्वारंटाइन केंद्र बना दिये गये है और यहां बाहर से आये लोगों को 14 दिन तक रखा

जायेगा । जिलाधिकारी जितेंद्र बहादुर सिंह ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया

कि इटावा जिले के 471 ग्राम पंचायतो मे स्थित प्राथमिक विद्यालयो में बनाये गये

विलज क्वारंटाइन केंद्रो में 1963 कामकाजी लोगो को क्वारंटाइन किया गया है । उन्होंने

बताया कि आज तक करीब 6500 लोगों देश के विभिन्न हिस्सो से आये हुए है । इनमे से

करीब 5000 लोगो को होम आईसोलेट करने के निर्देश दे कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण

कराया जा रहा है । उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की शंका के घेरे में आए प्रवासियों

को घर के बजाय प्राइमरी-जूनियर स्कूल के भवनों तथा पंचायतघरों में बनाए गए विलेज

क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है । ये ग्राम प्रधान की निगरानी में 14 दिन एकांतवास में

रहेंगे। श्री सिंह ने बताया कि प्रशासन मुख्यालय पर स्थापित कंट्रोलरूम के जरिए जिले के

471 ग्राम प्रधानों से सूचना लेकर प्रवासियों का चेकअप करा रहा है। जिनके संक्रमित होने

की शंका हुई,उनको घर पर क्वारंटाइन कराया जा रहा है। कई प्रवासी चिकित्सकों की

सलाह नहीं मान रहे हैं और घर से बाहर निकल दूसरों के लिए खतरा बन रहे थे। यह देख

प्रशासन ने यह तरीका निकाला है। जिन-जिन ग्राम पंचायत क्षेत्रों में प्रवासी आए हैं, वहां

विलेज क्वारंटाइन सेंटर बनवा दिए गए हैं। प्रत्येक सेंटर को सैनिटाइज कराकर डेढ़-डेढ़

मीटर की दूरी पर बेड रखे गए हैं।

प्राथमिक विद्यालयों में प्रारंभिक चिकित्सा के सारे प्रबंध

इन स्कूलों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बढ़पुरा ब्लाक के ग्राम प्रधान

राजकुमार भारद्वाज ने परिषदीय विद्यालय को विलेज क्वारंटाइन सेंटर में परिवर्तित

करा दिया है। बसरेहर क्षेत्र के ग्राम कृपालपुर, ताखा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम मोहारी में सेंटर

बना दिए गए हैं। ग्राम पंचायत बुलाकीपुर लुहन्ना में आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।

इस बीच इटावा के मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि विलेज

क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवा बेहतर होगी। क्वारंटाइन

किए गए प्रवासी इन सेंटरों में ग्राम प्रधान की देखरेख में 14 दिन रहेंगे। प्रवासी के स्वजन

भी सेंटर में नहीं जाएंगे। कोरोना सक्ररमण की वजह से देश भर में लॉकडाउन के बीच बड़े

शहरों से कामगारों के पलायन से विकट हालात हो गए हैं । मजदूर और फैक्ट्री कर्मी अपने

जिले और गांवों की ओर भागे चल आ रहे हैं । इटावा में साढे छह हजार के आसपास लोग

आ चुके है। और आने का सिलसिला अभी जारी ही है । कोरोना की मची दहशत के बीच

बाहर से आ रहे इन प्रवासियों को भी भय की दृष्टि से देखा जा रहा है। इटावा में दिल्ली,

हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात तथा मुंबई में सपरिवार रहकर मजदूरी एवं अन्य

काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद से ये घरों में लौट रहे हैं। कोविड-19 वायरस के चलते देश

भर में लागू किये गए 21 दिवसीय लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी

जे.बी.सिंह ने जिलावासियों से घर मे रहने की अपील की है।


 

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