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विदेशी मेहमानों के कलरव से अब जाग रहे हैं थाना वाले

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  • मेहमानों को प्रति सावधान रहते हैं पुलिस वाले
  • पिछले कुछ वर्षों से यहां सुरक्षित महसूस करते हैं
  • उन्हें देखने अब तो पर्यटक भी थाना ही चले आते हैं
  • गोयालपोखर थाना में अभी साइबेरियान पक्षियों का बसेरा
प्रतिनिधि

इसलामपुरः विदेशी मेहमान सुबह होते ही शोरगुल मचाना प्रारंभ कर देते हैं।

लेकिन यह इंसानी शोरगुल नहीं बल्कि सुदूर साइबेरिया से आये हुए पक्षियों का कलरव है।

लिहाजा थाना परिसर में मौजूद तमाम पुलिस वालों की नींद भी इसी कलरव से खुलती है।

थाना परिसर में लगे बड़े बड़े पेडों पर इन पक्षियों ने डेरा जमाया हुआ है।

पिछले कुछ वर्षों से उनके आने का सिलसिला प्रारंभ होने के बाद अब पूरा थाना का स्टाफ भी इन विदेशी मेहमानों को

कोई तकनीफ नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखते हैं।

धीरे धीरे यहां का माहौल साइबेरियाई क्रेनों (सारसों) को रास आ गया है।

इसलिए अब वहां रात बसर करने वाले पक्षियों की तादात बढ़ती जा रही है।

गोयलपोखर थाना उत्तर दिनाजपुर जिला का थाना है।

यहां विदेशी पक्षियों के आने का सिलसिला कुछ वर्षों पूर्व ही प्रारंभ हुआ था।

प्रारंभ से ही पुलिस वाले इस बात को लेकर सावधान थे कि इन पक्षियों को यहां रहने में कोई डर नहीं लगे

और उन्हें कोई परेशान भी नहीं करे।

इसी वजह से थाना में मौजूद पुलिस वाले भी न तो तेज आवाज करते हैं और न ही कोई ऐसी हरकत

किसी और को करने देते हैं, जिससे पक्षी डर जाएं।

विदेशी मेहमानों के प्रति पुलिस रहती है सतर्क

इस सुरक्षा का एहसास शायद विदेशी पक्षियों को भी होने लगा है।

इसी वजह से धीरे धीरे अनेक पेड़ों पर साइबेरिया से आये पक्षियों का झूंड डेरा जमाने लगा है।

धीरे धीरे यहां उनकी तादाद बढ़ती जा रही है।

जाड़ा का कुछ महीने यहां बीताने के बाद यह पक्षी फिर से उड़कर अपने देश चले जाते हैं।

इस दौरान गोयालपोखर में पुलिस ही उनकी देखभाल करती रहती है।

इस दौरान पुलिस की तरफ से आस-पास में यह स्पष्ट हिदायत दी जाती है कि नजदीक में कहीं भी

अधिक शोर अथवा पटाखे का शोर नहीं होना चाहिए।

यहां तक कि अधिक शोर वाले गीतों पर भी रोक रहती है ताकि पक्षियों को कोई परेशानी नहीं हो।

थाना प्रभारी विश्वनाथ सिंह कहते हैं कि सफाई में थोड़ी दिक्कत होने के बाद भी इनका आना अब अच्छा लगता है।

कमसे कम इस थाना में सुरक्षा है यह विदेशी पक्षी समझ रहे हैं, यह भी गौरव का विषय है।

पक्षियों के मल में दुर्गंध को नियमित तौर पर साफ कर लिया जाता है।

लेकिन इसी माहौल को पुलिस वालों ने अपनी दिनचर्या में ढाल रखा है।

अब तो इन पक्षियों के लिए आस-पास के बड़े पेडों की सुरक्षा पर भी पुलिस को ध्यान देना पड़ रहा है

क्योंकि मेहमानों की तादाद दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है।

नतीजा है कि अब पर्यटक भी इन पक्षियों को देखने थाना ही आने लगे हैं।

इन पर्यटकों मे से कुछ विशेषज्ञों ने थाना प्रभारी को इस बात की जानकारी दी है कि

आने वाले विदेशी मेहमानों में से कुछ हार्न बिल स्टर्क नामक पक्षी भी हैं, जिनकी आबादी तेजी से घट रही है।

इसकी जानकारी मिलने के बाद पूरा थाना नये सिरे से पक्षियों की सुरक्षा के प्रति और सतर्क हो गया है।



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