fbpx Press "Enter" to skip to content

आजसू पार्टी ने शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि दी

  • निर्मल दा के विचार, मूल्य, साहस हमारे लिए हमेशा आदर्श रहेंगेः सुदेश महतो

रांचीः आजसू पार्टी के केंद्रीय अध़्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि झारखंड आंदोलन

के प्रणेता और माटी के वीर सपूत निर्मल दा के विचारों, मूल्यों, साहस और जुनून को हर

पल दिल दिल और दिमाग में जिंदा रखेंगे। शहादत दिवस के अवसर पर सिल्ली में शहीद

निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने और भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के बाद विचार

प्रकट करते हुए केंद्रीय अध़्यक्ष ने कहा कि निर्मल दा ने अलग राज्य की लड़ाई के लिए

युवाओं को लामबंद कर जो अलख जगाई थी, उसे भूला नहीं जा सकता। उनके सपने और

सोच को साकार करने की जिम्मेदारी आजसू पार्टी बखूबी निभाती रहेगी। आजसू प्रमुख ने

कहा कि आठ अगस्त संकल्प दोहराने का दिन है। यही विचार मंथन का भी दिन है।

दरअसल अलग राज्य गठन के बीस बरस हुए, लेकिन निर्मल महतो के सपने साकार

करने की चुनौती बरकरार है। निर्मल दा की सोच और सपने सिरे चढ़े, इसके लिए हर वर्ग

को जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी शहादत के पन्ने को याद

रख सके। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता झारखंडी जनमानस के

साथ चलने और भावना के अनुरूप झारखंड के नव निर्माण का वचन लें ताकि निर्मल दा

के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। श्रद्धांजलि सभा में जयपाल सिंह, सुनील

सिंह, संजय सिदार्थ, वीणा देवी, गौतम साहू, शुशील महतो, अधिर महतो, जितेन बड़ाईक,

सुभाष महतो, त्रिलोचन महतो, शत्रुधन महतो, कृष्णा महतो, शिवशंकर प्रसाद, परिक्षित

महली, बुधराम महतो आदि मुख्य रूप से मौजूद थे। आजसू कार्यकर्ताओं ने निर्मल महतो

की याद और शान में नारे लगाए और झारखंड का सच्चा सपूत बताया।

आजसू पार्टी ने अपने केंद्रीय कार्यालय में भी शहीद निर्मल महतो को याद किया

राजधानी रांची में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में भी निर्मल महतो को याद किया गया। पार्टी

के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, वनमाली मंडल, गौतम सिंह, जब्बार अंसारी समेत

कई लोगों ने चित्र पर माल्यार्पण किया। और निर्मल महतो के सपने को साकार करने का

संकल्प लिया। उधर निर्मल महतो चौक पर आजसू छात्र संघ के बैनर चले हरीश कुमार

सुनील यादव, ओम वर्मा समेत ने मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर छात्र संघ के

प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि निर्मल महतो ने युवाओं को लामबंद करते हुए अलग

राज्य की लड़ाई का जो खाका खींची थी, उस संघर्ष को आजसू के कार्यकर्ता आज भी अपने

सीने में समाए रखते हैं।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from झारखंडMore posts in झारखंड »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from नेताMore posts in नेता »
More from रांचीMore posts in रांची »

One Comment

Leave a Reply