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पांच राज्यों के चुनाव में दस करोड़ वोट हासिल करने का लक्ष्य

  • भाजपा ने तैयार किया लाभार्थियों का डाटा बैंक
  •  अलग अलग राज्यो में अलग अलग मुकाबला
  •  सभी राज्यों में संगठन को सक्रिय किया गया
  •  भाजपा के रणनीतिकार पूरी ताकत से जुटे हैं
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: पांच राज्यों के (पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी) में

विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। वर्ष 2021 कई राजनीतिक दलों के भाग्य का फैसला करने

वाला है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल नए साल में इन चुनावों को जीतने के जुनून के साथ

चुनावी अखाड़े में उतरेंगे। इन राज्यों में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, केरल में वाम

लोकतांत्रिक मोर्चा, पुडुचेरी में कांग्रेस, तमिलनाडु में एआईएडीएम और असम में भाजपा

शामिल हैं। इन राज्यों में चुनाव के कारण ये सभी दल सक्रिय हैं।भाजपा ने वर्ष 2021 में

होने वाले असम विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। 2021 के वर्ष में मार्च

या अप्रैल का महीना हो सकता है पांच राज्य के विधानसभा चुनाव। इस क्रम में पार्टी ने हर

राज्य के ऐसे न्यूनतम 1.5 करोड़ लोगों का डाटा बैंक तैयार किया है, जो केंद्र और राज्य की

योजना के लाभार्थी हैं। पार्टी ने इन लोगों से संपर्क करने की जिम्मेदारी भाजपा के हर

राज्य के 3.5 लाख पन्ना प्रमुखों को दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ,प्रधानमंत्री नरेंद्र

मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सारे राज्यों के अध्यक्ष और महासचिव

को लेकर योजना बनाई है । भाजपा के राष्ट्रीय अधिकारी ने गुवाहाटी में बताया कि पार्टी

का लक्ष्य पांच राज्य विधानसभा विधानसभा चुनाव में दस करोड़ वोट हासिल करने की

। अधिकारी ने बताया कि एक उदाहरण की तरह असम राज्य में दो करोड़ मतदाता हैं। ऐसे

में अगर हम एक करोड़ वोट हासिल करने में कामयाब रहे तो पार्टी को राज्य में अब तक

की सबसे बड़ी जीत हासिल होगी।कभी पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव में एनआरसी को

प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति तैयार की थी। हालांकि अब पार्टी इससे किनारा करेगी।

पांच राज्यों में जनाधार का विस्तार ही पार्टी का लक्ष्य

एक वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता ने कहा कि एनआरसी के तहत हासिल किए गए आंकड़े को

संदेहास्पद बताते हुए कहा, इसी आशंका के कारण हमने इसके आंकड़े जारी होने से पूर्व ही

इसे अस्वीकार कर दिया था। गौरतलब है कि एनआरसी में बड़ी संख्या में हिंदू और

खासतौर पर आदिवासी वर्ग अपनी नागरिकता का सबूत पेश नहीं कर पाया था। इसके

बाद से ही राज्य भाजपा ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। पार्टी ने बूथ स्तर की कमेटी से

हर महीने मतदाताओं से संपर्क समेत अन्य मुद्दों पर रिपोर्ट मंगाने का सिलसिला शुरू

किया है। इस रिपोर्ट की हर महीने समीक्षा होगी। खासतौर से पन्ना प्रमुखों से योजनाओं

के लाभार्थियों से किए गए संपर्क की जानकारी भी मांगी जा रही है। इस रिपोर्ट की समीक्षा

के बाद पार्टी के स्तर पर नए दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता ने

पश्चिम बंगाल के बारे में कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में समस्याओं का सामना

कर रही हैं। उसके प्रति जनता का विश्वास गिर रहा है। इसीलिए बीजेपी पश्चिम बंगाल में

बड़ी जीत हासिल करने जा रही है। हालाँकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की चर्चा

इन दिनों हर राजनीतिक गलियारे में है। क्योंकि यह पिछले 2 बार से मुख्यमंत्री हैं, ममता

बनर्जी को भाजपा के साथ कड़ी टक्कर मिल रही है। इधर, ममता बनर्जी के करीबी

टीएमसी के एक के बाद एक बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में ममता बनर्जी के लिए

चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं।

भाजपा का दावा सभी राज्यों में भाजपा बड़ी जीत दर्ज करेगी

भाजपा के राष्ट्रीय नेता ने दावा किया है कि असम, पश्चिम बंगाल, केरल,

तमिलनाडु,  पुदुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत होगी, इसमें

कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा

और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बनाई गई योजना पूरी तरह से सफल रही है। उन्होंने कहा

कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके द्वारा बनाई गई योजनाओं और देश के लोगों की

भलाई के लिए लोगों को पूरी तरह से खुश किया है।

उन्होंने कहा कि हुक या किसी भी तरह के तरीकों से लक्ष्य 5 राज्यों में दस करोड़ वोट

हासिल करना है।इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने हुक या किसी भी तरह के तरीकों से

कोशिश कर रही है कि पांच राज्य सरकार बनायें और सत्ता हथिया लें।

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