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कृषि की घोर उपेक्षा, अन्नदाताओं पर नहीं है सरकार की नजर

  • कृषि विभाग को बजट का सिर्फ 2।5 फीसदी राशि

  • स्वास्थ्य एवं अन्य महत्वपूर्ण विभागों को भी नाममात्र राशि

विशेष संवाददाता राष्ट्रीय खबर

पटना : कृषि की घोर उपेक्षा का आरोप विपक्ष ने बिहार विधानसभा में पेश बजट के

उपरांत लगाया है।बिहार में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट सोमवार को पेश किया गया

है। इस बजट में कारपोरेट घरानों की छाप नजर आती है। कृषि प्रधान राज्य होने के बाद

भी कुल बजट का मात्र ढाई प्रतिशत राशि ही खेती किसानी पर रखी गई है। शिक्षा पर जोर

दिया गया है, लेकिन स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास समेत कई अन्य विषयों की भारी अनदेखी

भी हो गई है। विधानसभा में डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने आगामी

वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने आज विधान सभा में बजट भाषण पढ़ा।

डिप्टी सीएम ने अपने भाषण में कहा कि बिहार में इस बार का बजट 2 लाख 18 हजार 303

करोड़ रु का है। जिसमें विकास योजना मद में 1,00518.86 करोड़ रु एवं स्थापना एवं

प्रतिबद्ध व्यय मद में 1,17,783.84 करोड़ रु है। सदन में वित्त मंत्री ने बताया कि 2 लाख

18 हजार 502 करोड़ का अनुमानित आय होने का लक्ष्य है। योजना मद में 1051881

करोड़ की राशि जबकि गैर योजना मद में 1177830 करोड़ रु स्वीकृत किये गए हैं। इस

बजट में कृषि विभाग को बजट का सिर्फ 2.5 फीसदी राशि मिली है।

बिहार के 11 विभागों के बजट पर गौर करें तो सबसे अधिक शिक्षा विभाग के लिए राशि दी

गई है। शिक्षा विभाग को कुल बजट का 21.94 फीसदी राशि अलॉट की गई है। जबकि

कृषि विभाग पर नीतीश सरकार ने बेरुखी दिखाई है। महज 2.53 फीसदी कृषि विभाग के

लिए दी गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शिक्षा में 8 प्रतिशत अधिक वृद्धि

प्रस्तावित है।

कृषि की घोर उपेक्षा के बजट में जानिए किसे कितना पैसा

शिक्षा विभाग को 21939.03 करोड़, यानि 21.94 फीसदी, ग्रामीण विकास विभाग-

16782.66 करोड-16.78 फीसदी,समाज कल्याण विभाग-8190.85 करोड़-8.19 फीसदी,

ग्रामीण कार्य विभाग-7313.00 यानी 7.31 प्रतिशत, स्वास्थ्य विभाग-6927.00 करोड़-

6.93 प्रतिशत, पथ निर्माण विभाग-4410.00 करोड़ 4.41 प्रतिशत, नगर विकास विभाग-

3952.00 करोड़- 3.95 प्रतिशत, जल संसाधन विभाग-3007.50 करोड-3.01 प्रतिशत,

कृषि  विभाग- 2533.88 करोड़ ,2.53 प्रतिशत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग-2492.

10 करोड़-2.49 प्रतिशत, अन्य विभाग-22451.98 करोड़- 22.46 फीसदी।

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री बजट की तमाम बातों का उल्लेख किया। डिप्टी सीएम

ने कोरोना काल में बिहार सरकार द्वारा किये गए कामों का उल्लेख किया।

बजट भाषण में तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से भारी परेशानी हुई

लेकिन सरकार ने बिहार के लोगों को हर तरह से मदद की है। चाहे बाहर फंसे बिहारी हों या

राज्य में रह रहे गरीब हों या वृद्ध सबका ख्याल रखा गया। करोना की दूसरी लहर आने

वाली है, अन्य राज्यों में आ भी चुकी है । इस बजट में इसके मद्देनजर कोई अतिरिक्त

व्यवस्था नहीं की गई है । करोना एवं अन्य संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए

अतिरिक्त धन की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

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