fbpx Press "Enter" to skip to content

सरकार की नीतियों और वैज्ञानिकों के प्रयास से किसानों की आय दोगुनी होगी :तोमर

नयी दिल्लीः सरकार की नीतियों और वैज्ञानिक प्रयास के किसानों का यह सरकार भला

करेगी। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि सरकार की नीतियों और

वैज्ञानिकों के सहयोग से 2022 तक किसानों की आय को दोगुना किया जा सकता है। श्री

तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की 91 वीं वर्षिक आम बैठक को सम्बोधित

करते हुए कहा कि कृषि सरकार की प्राथमिकता है लेकिन इस क्षेत्र में अनेक चुनौतियां हैं।

खेती को मुनाफे में लाना बड़ी चुनौती है जिस पर विजय पाने की जरुरत है। अनुसंधान नई

नई किस्मों के बीजों के विकास , प्रौद्योगिकी और किसानों के कठोर परिश्रम से देश

खाद्यान्न के मामले में न केवल आत्मनिर्भर हुआ है बल्कि बड़े पैमाने पर इसका निर्यात

किया जा रहा है। सरकार की सहायता , उत्पादन लागत में कमी , उत्पादकता में वृद्धि ,

कृषि उत्पादों के उचित मूल्य को लेकर संयुक्त रुप से काम करने की जरुरत है। उन्होंने

कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के लिए तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट

प्रावधान किया गया है। श्री तोमर ने कहा कि सरकार कृषि के साथ साथ पशुपालन के

माध्यम से भी किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है। देश के 53 करोड़ पशुओं में

बीमारियों की रोकथाम के लिए मिशन मोड में टीकाकरण किया जा रहा है। दूध उत्पादन

दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और मत्स्य उत्पादन बढाने का प्रयास

किया जा रहा है। किसानों को फसल बीमा योजना के माध्यम से मदद करने का प्रयास

किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन के

परिणाम सकारात्मक रहे हैं और सरकार ने 10 हजार नये एफपीओ के गठन का निर्णय

किया है। प्रत्येक एफपीओं को 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जायेगी।

सरकार की नीतियों में शामिल है किसानों की आय दोगुना करना

इसके साथ ही वे प्रसंस्करण सुविधा चाहेंगे तो इसके लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध करायी

जायेगी। कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रुपाला ने कहा कि राज्यों को किसानों की जमीन ,

बैंक खाते और आधार जैसी जानकारी को डिजिटल करना चाहिये ताकि सरकारी सहायता

उन्हें तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। देश में नौ करोड़ किसानों के आंकड़े एकत्रित कर लिये

गये हैं लेकिन और किसानों के आंकड़े एकत्र किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त

मात्रा में प्याज का पाउडर उपलब्ध है लेकिन लोगों को इसके संबंध में बहुत कम जानकारी

है। उन्होंने कहा कि नये नये अनुसंधान की जानकारी आम लोगों को उपलब्ध कराई जानी

चाहिये। उन्होंने कहा कि किसान कुछ उपकरणों को अपनी जरुरतों के अनुसार विकसित

करते हैं ऐसे उपकरणों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिये।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

2 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!