fbpx Press "Enter" to skip to content

आगरा सेंट्रल जेल में दस कैदी कोरोना संक्रमित पाये गये

  • संक्रमित मरीजों की संख्या 794 मौत का आंकड़ा 25

  • शहर में राशन,दूध, सब्जी की दुकाने तक नहीं खुलीं

  • सीएम की टीम ने हाट स्पाट इलाकों का जायजा लिया

आगरा : आगरा सेंट्रल जेल की चहारदीवारी के अंदर भी कोरोना का संक्रमण पहुंच गया।

एसएन अस्पताल में  भर्ती कराए सेंट्रल जेल के बंदी के कोरोना पॉजीटिव मिलने उसके

यहां पर इलाज के दौरान संक्रमित होने की आशंका थी। मगर, कोरोना संक्रमित बंदी के

साथ बैरक में रहे दस और बंदियों की रिपोर्ट बुधवार को पॉजीटिव आने के बाद जेल में

हड़कंप की स्थिति है। जिन बंदियों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, उन्हें एक सप्ताह पहले ही

विशेष बैरक में क्वारेंटीन किया जा चुका है। वही दूसरी ओर शाह ने एस एन मेडिकल

कालेज में स्वास्थ्य सेवाओं में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में कालेज प्राचार्या जुनेजा

को पद से हटाकर लखनऊ मुख्यालय अटैच कर दिया है। झांसी के रहने वाले हत्या के

मामले में सजायाफ्ता 60 वर्षीय बंदी को पिछले वर्ष दिसंबर में सेंट्रल जेल में यहां शिफ्ट

किया गया था। बंदी को हाई ब्लड प्रेशर और ब्रेन स्ट्रोक की समस्या थी। तीन मई को उसे

हाई ब्लड प्रेशर और ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत पर एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया

गया था। एसएन के डॉक्टरों ने उसका कोरोना का टेस्ट कराया। छह मई को जांच रिपोर्ट

आने पर बंदी के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उसकी नौ मई को इलाज के दौरान

मौत हो गई। संक्रमित सजायाफ्ता के साथ बैरक में 14 अन्य बंदी भी निरुद्ध थे। उक्त

सभी को छह मई को ही विशेष बैरक में क्वारेंटीन कर दिया गया। वहीं जेल स्टाफ के 16

लोगों को होम क्वारेंटीन किया गया था।

आगरा सेंट्रल  जेल के 100 बंदियों को किया आईसोलेट

जेल- प्रशासन ने सात मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर 14 बंदियों और जेल

स्टाफ 13 लोगों का कोरोना टेस्ट कराने के लिए सैंपल दिया था। नौ मई को इनमें से दो

बंदी और जेल स्टाफ के दस लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। जबकि 12 बंदियों के सैंपल

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना टेस्ट करने को दोबारा सैंपल लिए थे।बुधवार को इनमें से दस

बंदियों की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। उक्त सर्किल में किसी को बंदी और जेल के स्टाफ को

आने-जाने की इजाजत नहीं है। रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जेल स्टाफ को

पीपीई किट उपलब्ध कराई गयी है। बंदियों को दवा और खाना देने के लिए इसे पहनने के

बाद ही स्टाफ जा सकेगा।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from उत्तरप्रदेशMore posts in उत्तरप्रदेश »
More from राज काजMore posts in राज काज »

One Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!