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शांति समझौते के बाद भी तालिबान का हमला भी जारी 18 जवान मारे गये

काबुलः शांति समझौते के बाद भी अफगानिस्तान में शांति बहाल नहीं हो पा रही है।

कोरोना से पीड़ित पूरी दुनिया के साथ साथ अफगानिस्तान भी है। लेकिन इसके बाद भी

कोरोना से कहीं अधिक तालिबान अभी हमलावर बना हुआ है। कोरोना की हलचल के बीच

यहां लगातार ऐसे हमले हो रहे हैं। इससे संदेह उत्पन्न होता है कि शांति वार्ता को फिर से

तालिबान ने दरअसल ठुकरा दिया है। इससे पहले भी कई बार युद्धविराम की घोषणा के

तुरंत बाद तालिबान ने सैनिकों पर हमला किया है। कोरोना से पीड़ित और बचाव की

तैयारियों मे जुटी पूरी दुनिया के बीच अफगानिस्तान के दो अफगानी प्रांतों में रविवार रात

हुए तालिबानी हमले में सुरक्षा बलों के कम से कम 18 जवान और एक नागरिक मारा

गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। तालिबान आतंकवादियों ने रविवार

रात दो प्रांतों में सुरक्षाकर्मियों पर हमले किये। एक हादसे में आतंकवादियों ने उत्तरी प्रांत

ताखर में एक जिला पुलिस प्रमुख के घर पर हमले किये जिसमें कुल 12 पुलिसकर्मी मारे

गए और पांच घायल हो गए। इस दुर्घटना में एक नागरिक की भी जान चली गयी है।

जाबुल के दक्षिणी प्रांत में हुई एक छापेमारी में छह अफगानी सैनिक मारे गए। ख्वाजा घर

जिले के जिला प्रमुख मोहम्मद उमर ने बताया कि उत्तरी तखार प्रांत के ख्वाजा घर जिले

में एक जिला पुलिस प्रमुख के घर पर हुए हमले में 12 पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की

मौत हो गयी जबकि पांच पुलिसकर्मी घायल हो गये। उमर ने कहा, ‘‘ शुरू में मिली सूचना

के आधार पर पुलिस प्रमुख मोहम्मद इशाक के घर पर हुए हमले के बाद आठ तालिबानी

आतंकवादी मारे गये।’’ उन्होंने कहा कि यह मुठभेड़ काबुल से 245 किमी दूर जिला

मुख्यालय में हुई जहां एक परिसर में शादी समारोह आयोजित किया जा रहा था।

शांति समझौते का बाद भी सार्वजनिक समारोह पर हमला

अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने और

फरवरी के अंत में अमेरिकी सरकार और अफगान सरकार द्वारा संयुक्त घोषणा जारी

किये जाने के बाद भी पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान में आतंकवादियों ने अपनी

गतिविधियां तेज कर दी हैं। अफगानिस्तान में फरवरी मध्य में कोरोना के प्रकोप फैलने के

बाद से अफगानिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी ने तालिबान से शांति वार्ता

और संघर्ष विराम पर सहमत होने और सबसे अहम कोरोना वायरस से लड़ने के लिए

लगातार आह्वान किया है लेकिन राष्ट्र में संघर्ष जारी रहा और उस पर अब तक लगाम

नहीं लग पाया है। कोरोना वायरस से लड़ने की तैयारियों के बीच बार बार तालिबान की

तरफ से हो रहे ऐसे हमलों से शांति समझौते का फिर से बिना मकसद के ही समाप्त होने

की पूरी आशंका बन आयी है।


 

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