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अफगानिस्तान के उत्तरी इलाके पर तालिबान शासन को लेकर परस्पर विरोधी दावे


  • पंजशीर में  है रेजिसटेंस फोर्स और खुद अहमद मसूद

  • सूचनाओं की स्वतंत्र पुष्टि कर पाना संभव नहीं

  • तजाकिस्तान में पूर्व राजदूत का भी एक ही दावा

  • हर इलाके में अब भी मौजूद है एनआरएफ के लोग

काबुलः अफगानिस्तान के उत्तरी इलाके में तालिबान का वाकई कब्जा हो पाया है अथवा नहीं, इसे लेकर अब भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

वहां मौजूद रेजिसटेंस फोर्स के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि उनके नेता अहमद मसूद खुद यहां मौजूद हैं और सैनिकों के बीच ही हैं।

उनके बारे में तालिबान ने एक बार प्रचार किया कि उनकी हत्या कर दी गयी है और दूसरी बार यह प्रचार किया गया कि वह देश छोड़कर भाग गये हैं।

युद्ध जैसी स्थिति होने की वजह से किसी स्वतंत्र एजेंसी के लिए वहां जाकर सूचनाओं की पुष्टि करना फिलहाल संभव नहीं है।

ईरान की एक न्यूज एजेंसी ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पंजशीर का अधिकांश इलाका ही नेशलन रेजिसटेंस फोर्स के नियंत्रण में हैं। इन इलाकों में आने वाली सड़कों पर भी अहमद मसूद की सेना का पहरा है।

ईरानी की एजेंसी ने कहा कि अहमद मसूद के भागकर तुर्की या किसी अन्य देश में चले जाने की सूचना भी अफवाह साबित हुई है। इससे समझा जा सकता है कि यह सब कुछ तालिबान की तरफ से किया गया प्रचार है।

वैसे इस इलाके पर कब्जे को लेकर पाकिस्तान की सेना भी वहां ड्रोन हमले कर रही है, इस बात की पुष्टि हो चुकी हैं।

दो दिन पूर्व तालिबान की तरफ से पंजशीर पर कब्जा कर लेने का दावा करते हुए कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया में जारी की गयी थी।

लेकिन अब ईरानी एजेंसी का दावा है कि यह तस्वीरें किसी और स्थान की होंगी क्योंकि पंजशीर आज भी एनआरएफ के नियंत्रण में ही है।

अफगानिस्तान के उत्तरी इलाके में तालिबान कब्जे की चर्चा

तालिबान द्वारा अंतरिम सरकार की घोषणा के बाद भी इस इलाके में अब तक तालिबान का शासन कायम नहीं हो पाया है। इलाके की ऊंची चोटियों पर मौजूद उत्तरी एलायंस के लड़ाके तालिबान के आगे बढ़ने की हर कोशिश को नाकामयाब कर दे रहे हैं।

वैसे इन इलाकों से तालिबान अधिक परिचित भी नहीं हैं। इस वजह से भी उन्हें आगे बढ़ने के बदले बार बार पीछे हटना पड़ रहा है। दूसरी तरफ अहमद मसूद द्वारा पूरे देश मे तालिबानी आतंक का विरोध करने का आह्वान किये जाने के बाद देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं।

इन प्रदर्शनों के दौरान तालिबान की फायरिंग में कुछ लोगों के मारे जाने की भी सूचना है। दूसरी तरफ महिला अधिकार को लेकर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर कोड़े भी बरसाये गये हैं।

तजाकिस्तान में अफगानिस्तान की पूर्व सरकार के राजदूत जाहिर अगबार ने कहा कि अहमद शाह मसूद और अमीरूल्लाह सालेह दोनों ही पंजशीर के इलाके में ही मौजूद हैं।

उन दोनों के देश छोड़कर भाग जाने की अफवाह तालिबान द्वारा फैलायी गयी है। उनके मुताबिक वह इन दोनों लोगों के सीधे संपर्क में हैं।

वैसे एनआरएफ की तरफ से इस बात की पुष्टि कर दी गयी है कि तालिबान ने अमीरुल्लाह सालेह के चाचा रोहुल्ला अजीजी और उनकी कार के चालक की हत्या कर दी है।

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