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कोरोना से उपचार पर प्रशासन सख्त, रात तक सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश

  • ट्राइबल वेलफेयर हॉस्पिटल रिंची, लिट्टीपाड़ा का उपायुक्त ने किया निरीक्षण
  • 50 बेड की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई
  • अस्पताल को विभिन्न सुविधाओं से किया जा रहा लैस

पाकुड़ : कोरोना महामारी को देखते हुए पाकुड़ के ट्राईबल वेलफेयर हॉस्पिटल रिंची को

मरीजों के उपचार के लिए चिन्हित किया गया है। जिसके लिए सोमवार को उपायुक्त

कुलदीप चौधरी ने रविवार शाम लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित ट्राईबल वेलफेयर हॉस्पिटल रिंची

का निरीक्षण किया। उनके साथ उप विकास आयुक्त राम निवास यादव, आईटीडीए

निदेशक डॉ ताराचंद, सिविल सर्जन डॉक्टर रामदेव पासवान, विशेष कार्य पदाधिकारी

कुमार गौतम समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने कहा कि

इस अस्पताल में वैसे लोगों की चिकित्सा की जाएगी जिनमें कोरोना पॉजिटिव पाया

जाएगा। इसके लिए अस्पताल को विभिन्न सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। ताकि

मरीजों को उपचार करने में चिकित्सकों को कोई परेशानी नहीं हो। यहां कुल 50 बेड की

व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। उपायुक्त ने अलग-अलग वार्डो में लगाए गए बेड का

निरीक्षण किया। वार्डों में बिजली, पानी पंखा आदि की व्यवस्था को देखा। कुछ तैयारियों

को लेकर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया। जिस पर उपायुक्त ने सिविल सर्जन रामदेव

पासवान, लिट्टीपाड़ा बीडीओ रवि कुमार आदि को आज रात तक व्यवस्था को सुनिश्चित

करने का निर्देश दिया। कहा कि हमारे पास अब औ समय नहीं है, हमें अलर्ट मोड में रहना

है, इसलिए सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कर लें। उपायुक्त ने अस्पताल की सुविधाओं

को सुनिश्चित करने में लगे कर्मियों की सूची बनाने को सिविल सर्जन को निर्देश दिया।

कोरोना के उपचार के लिए अस्पताल व्यवस्था पर कड़ी निगरानी

तीन कमरों में बनाए गए अलग-अलग वार्ड कि साफ सफाई के लिए कितने कर्मी उपलब्ध

है। इसकी सूची तैयार करने को कहा। अगर कर्मियों की कमी है तो जिला से कर्मियों को

प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने विशेष कार्य पदाधिकारी

कुमार गौतम एवं अस्पताल प्रबंधन को हेल्प डेस्क बनाने साथ ही मरीजों के पंजीकरण के

लिए अलग देश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों के प्रवेश

करने को लेकर बनाए गए द्वार से स्ट्रेचर के माध्यम से मॉक ड्रिल भी कराया। प्रवेश द्वार

को और बड़ा करने का निर्देश दिया। डीसी कुलदीप चौधरी ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ व

कर्मियों से संवाद किया। उन्हें बताया कि उनके अस्पताल को कोविड-19 हॉस्पिटल के रूप

में चिन्हित किया गया है। उन्हें एतिहात बरतने, किसी भी परिस्थिति से नहीं घबराने की

बात कहीं। पर्याप्त संख्या में मासक, सैनिटाइजर, पीपीई कीट उपलब्ध है। उपायुक्त ने

सिविल सर्जन को सभी कर्मियों को आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराने के लिए

कार्यशाला करने, अस्पताल में मरीज के भर्ती करने का मॉक ड्रिल करने को निर्देश दिया।

ताकि आगे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने सीएस,

आईटीडीए निदेशक डॉ ताराचंद को अस्पताल में जरूरत के अनुसार मैन पावर उपलब्ध

करने के लिए कार्रवाई करने को कहा। पर्याप्त संख्या में आक्सीजन सिलेंडर, रेगुलेटर,

पाइप, दवा आदि को सुनिश्चित कर लेने को कहा। इसमें किसी भी तरह की कोई

लापरवाही नहीं हो इसे सुनिश्चित करने को कहा। उपायुक्त ने नर्सिंग स्टाफ के ठहरने व

चिकित्सकों के ठहरने वाले स्थान का भी जायजा लिया। उनके सहूलियत के लिए भी

जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जरूरी दिशा-निर्देश दिया।

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