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एडीजी बिहार (विधि व्यवस्था) ने सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया

  • सभी को सरकार नहीं दे सकती रोजगार, बढ़ेगा अपराध

दीपक नौरंगी

भागलपुर: एडीजी बिहार (विधि व्यवस्था) अमित कुमार के एक पत्र से बिहार सरकार भी

संकट में है। पुलिस मुख्यालय के इस उच्चपदस्थ अफसर ने जो पत्र लिखा है, वह पूरे

राज्य में पहुंचा है। इस पत्र में जो कुछ कहा गया है, उससे कहीं न कहीं सरकार की

नाकामयाबी दिख रही है। सूबे के अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) अमित

कुमार ने बिहार सरकार के प्रयास पर पानी फेर दिया है। एक ओर राज्य सरकार प्रवासी

मजदूरों को हर हाल में काम उपलब्ध कराने में जुटी हुई है, उनके लिए कई तरह की

योजना शुरू की गई है। वहीं दूसरे ओर एडीजी ने सभी जिलों के डीएम-एसपी को पत्र लिख

कहा है कि सावधान किया है। एडीजी का कहना है कि सभी भारी संख्या में बिहार आ रहे

प्रवासी मजदूरों को घर में काम न मिलने के सूरत में वे विधि विरूद्ध और अनैतिक कार्य में

शामिल हो सकते हैं। इससे अपराध बढ़ सकता है और विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न

हो सकती है। इस कारण कार्य योजना बनाए। सरकार सभी प्रवासी मजदूरों को रोजगार

उपलब्ध नहीं करा सकती है।

एडीजी बिहार के पत्र पर नहीं आयी है सरकारी प्रतिक्रिया

देश के विभिन्न भागों से लौट रहे लाखों मजदूरों को अपने अपने गांव भेजने के क्रम में ही

सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि सभी राज्य सरकारों द्वारा उन्हे मनरेगा के तहत रोजगार

उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जा रहा है। इस पत्र से यह स्पष्ट है कि अनुभवी

अधिकारियों का एक वर्ग ऐसा भी है जो यह मानता है कि यह आश्वासन भी पूरा नहीं

किया जा सकता है। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में इलाकों में अपराध का बढ़ना एक

स्वाभाविक स्थिति होगी। लेकिन अब तक इस बारे में सरकार की तरफ से कोई सफाई

नहीं दी गयी है।


 

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