fbpx Press "Enter" to skip to content

आचार्यकुलम में शिक्षक दिवस समारोह भी ऑनलाइन आयोजित

रांचीः आचार्यकुलम में आज 5 सितंबर 2020 को ऑनलाइन शिक्षक दिवस मनाया गया।

छात्र-छात्राओं ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को याद करते हुए अपने

शिक्षक -शिक्षिकाओं के लिए रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में बच्चों ने

कविता, नृत्य और भाषण प्रस्तुत किए। बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति ने शिक्षक – शिक्षिकाओं

का मन मोह लिया। इस अवसर पर स्वामी दिव्य देव जी ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए

कहा – हमारे जीवन में शिक्षक की अहम भूमिका है। वे हमारे भविष्य के निर्माता है।

‘शिक्षक दिवस ‘ हमारे लिए एक ऐसा दिवस है, जो हमें बहुत कुछ सीखला जाता है। हम

लोगों को अपने शिक्षक के मान – सम्मान का ख्याल रखना चाहिए। शिक्षक हमें सिर्फ

किताबी ज्ञान नहीं देते। बल्कि सही मार्गदर्शन प्रदान कर हमारा सर्वांगीण विकास करते हैं

तथा शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यां ददाति विनयं
विनयाद् याति पात्रताम्।
पात्रत्वात् धनमापोन्ति,
धनात् धर्मं ततः सुखम्॥

उन्होंने उपर्युक्त श्लोक के माध्यम से समझाया कि विद्या यानी ज्ञान हमें विनम्रता से

प्राप्त होती है। विनम्रता से योग्यता आती है और योग्यता से धन और प्रतिष्ठा मिलती हैं।

धर्म के अनुसार कार्य करने से हमें संतुष्टि मिलती है। छात्रों को अपने शिक्षक  शिक्षिकाओं

की आज्ञा का पालन करना चाहिए। जो छात्र – छात्राएं अपने शिक्षकों की आज्ञा का पालन

करते हैं। वह अपने जीवन में अवश्य ही सफल होते हैं। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती

सुजाता कौर ने छात्र -छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा – डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी

महान शिक्षक , महान दार्शनिक, महान शिक्षाविद् और एक महान राजनेता थे। उनके

अनमोल विचार हमें अपने जीवन में अपनाने चाहिए।

आचार्यकुलम में इस मौके पर सभी ने अपने विचार व्यक्त किये

उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों को संदेश दिया कि हमें अपने वैदिक परम्परा गुरु – शिष्य

परंपरा के अनुरूप शिक्षा देनी चाहिए। हम सभी शिक्षक भारत के भविष्य निर्माता है। अतः

हममें कर्तव्य – निष्ठता एवं नैतिक मूल्य होना अत्यंत आवश्यक है। तभी हम अपने छात्रों

को संस्कारी बना पाएंगे और तभी हमारा राष्ट्र गौरवशाली राष्ट्र होगा। हमें ऐसे राष्ट्र के

निर्माण करना चाहिए जो विश्व को नैतिकता का पाठ पढ़ाने में दक्ष हो। मौके पर सभी

शिक्षक – शिक्षिकाओं ने छात्र -छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की

कामना की


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from इतिहासMore posts in इतिहास »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from रांचीMore posts in रांची »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!