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निर्भया कांड के आरोपी ने की राष्ट्रपति से अपनी दया याचिका वापस करने की गुजारिश

नई दिल्ली : निर्भया कांड के केस जैसा कुकर्म कांड पूरे देश में एक वाइरस की तरह फैल गया है।

जहां हैदराबाद में हुआ रेप कांड तो रांची के कांके में हुआ सामुहिक बलात्कार तो युपी के उन्नाव में हुआ निर्शंस कांड,

यह ऐसी दर्दनाक और भयानक तस्विर है जिससे देश की कई युवतियों को गुजरना पड़ा है।

हालांकि इस मामले में सख्ती दिखाते हुए हैदराबाद कांड के आरोपियों को अच्छी सबक और मृतका डाॅ को इंसाफ मिला है।

बता दें कि निर्भया केस के आरोपी विनय शर्मा के खिलाफ चल रहे केस में नया मोड़ देखने को मिला है।

जहां गृह मंत्रालय की पेशकश दोषी विनय द्वारा दया याचिका को राष्ट्रपति से खारीज करने की है

तो आरोपी विनय द्वारा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से दायर दया याचिका को वापस करने की मांग की जा रही है।

क्या है मामला

दरअसल दोषी विनय शर्मा निर्भया कांड का मुख्य आरोपी है

जिसपर वर्ष 2012 में पैरा मेडिकल छात्रा के साथ दुष्कर्म कर हत्या का आरोप है।

इस मामले में चार दोषियो में से एक विनय शर्मा भी है जिसे जल्द ही फांसी पर चढ़ाया जा सकता है।

पर फांसी रोकने को लेकर विनय ने सजा से माफी की अर्जी, जिसे मर्सी पिटीशन कहा जाता है, दायर किया है

लेकिन शनिवार को एक नई सूचना के अनुसार विनय ने राष्ट्रपति के पास

एक याचिका भेज कर दया याचिका को वापस करने का अनुरोध किया है।

विनय का कहना है कि जो दया याचिका गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति को भेजी है

उसमें आरोपी के न तो हस्ताक्शर है और न ही उसके द्वारा अधिकृत है।

हालांकि पहल कर के पिछे हटने का कारण वक्त की मांग मानी जा रही है।

पर इस संबंध में आरोपी व इस तरह के दोषियो के खिलाफ गृह मंत्रालय की मांग सख्ती की है।

इस मामले पर गृह मंत्रालय ने टिप्पणी करते हुए राष्ट्रपति से

आरोपी विनय द्वारा दायर दया याचिका को खारीज करने की मांग की गई है।

साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा है की दोशी को हर हाल में सजा सुनाया जाय

जिससे निर्भया की आत्मा को शांति मिलेगी और उनके परिजनों को संतुष्टि व देश की जजमेंट पर भरोशा बनेगा।

मंत्रालय के अनुसार इस तरह के मामले से संबंधित सभी निर्दोशियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

जिससे ऐसा करने से पहले कोई सौ बार सोंचे और निडर होकर देश की बेटियां सड़क पर किसी भी वक्त कहीं आ जा सके।

मामले पर कड़े कदम की अनुशंसा

गृह मंत्रालय ने अंतिम निर्णय के लिए देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति कोविंद के पास आरोपी विनय की फाईल भेजी है।

जिस मामले पर दो दिन पहले दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा भी गृहमंत्रालय को रिर्पोट सौंपकर कहा गया था

कि आरोपी को किसी हाल में बख्सा न जाय।

और किसी भी सूरत में सजा मिलनी ही चाहिए, चुंकि बलात्कार जैसा घिनौना काम माफी योग्य नहीं है।

जिस पर दिल्ली सरकार ने भी याचिका खारिज करने की उम्मीद जताई है।

हालांकि यह ऐसा मामला है जिसपर कोई भी सहमती प्रदान नहीं करेगा और यह वर्श 2017 में भी देखा गया है

जब देश के उच्चतम न्यायालय के पास पुनर्विचार दाखिल की गई थी और न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।

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