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आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ हमला बोला

  • बेरोजगार अध्यापकों की पगड़ी-दुपट्टे उछाल रही है अमरिन्दर सरकार – मीत हेयर

  • महिला अध्यापकों के साथ बदसलूकी के लिए माफी मांगेः रुपिन्दर कौर रूबी

  • घर-घर नौकरी के लिखित वायदे से पलटे कैप्टन गद्दी छोड़ें -‘आप’

चण्डीगढ़ः आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रदेश के नौजवानों को रोजगार देने की

बजाए उन पर अत्याचार व पर्चे दर्ज किए जाने का सख्त विरोध करते हुए कहा कि सालों

से रोजगार प्राप्ति के लिए जूझ रहे बेरोजगारों को नौकरी देने की बजाए अमरिन्दर सिंह

सरकार भी पिछली बादल सरकार की तरह पगड़ी और दुपट्टे उछाल कर बेइज़्जत कर रही

है। आम आदमी पार्टी अनुसार मुख्य मंत्री के पटियाला स्थित मोती महल के समक्ष रोष

प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार अध्यापक लडक़े-लड़कियों के साथ मोती महल के इशारे पर

पटियाला पुलिस ने पहले अत्याचार किया, फिर अंधाधुन्ध पर्चे दर्ज किए गए। यह

अमरिन्दर सिंह की शाही तानाशाह मानसिकता का प्रगटावा है। पार्टी हैडक्वार्टर से जारी

बयान के द्वारा पार्टी के यूथ विंग के प्रधान और विधायक मीत हेयर और नौजवान

महिला विधायका रुपिन्दर कौर रूबी ने मोती-महल के सामने प्रदर्शन करने वाले

बेरोजगार बीएड और डीपीई (873) अध्यापक यूनियन के नेताओं पर दर्ज किए झूठे पर्चे

तुरंत रद्द करने और बदसलूकी करने वाले मुलाजिमों पर कार्यवाही की मांग की है। रोजगार

प्राप्ति के लिए संघर्ष करना बेरोजगार अध्यापकों का लोकतंत्रीय हक है, परंतु पंजाब

सरकार जायज मांगों के लिए लड़ते नौजवानों को जेलों में भरना चाहती है।आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ हमला बोला

आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिलाया

मीत हेयर ने कहा कि 2017 के चुनाव से पहले नौजवानों के साथ घर-घर नौकरी का

लिखित वायदा निभाने से मुख्यमंत्री पूरी तरह भाग चुके हैं। इस लिए उनको गद्दी पर बने

रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मीत हेयर ने कहा कि पहले बादल सरकार और अब

अमरिन्दर सिंह सरकार की ओर से बेरोजगार नौजवानों को नौकरियों के लिए सडक़ों पर

उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिस कारण सैंकड़े योग्य उम्मीदवारों की आयु

सीमा बढ़ गई है। यही कारण है कि बेरोजगार डीपीई अध्यापक 873 असामियों में आयु

सीमा में छूट देकर 1000 पोस्टों की बढ़ौतरी करें और बेरोजगार बीऐड अध्यापक मास्टर

काडर की असामियों के अंतर्गत सामाजिक शिक्षा, पंजाबी और हिंदी की असामियों में

बढ़ौतरी करने और रहते विषयों की भी भर्ती करने के लिए सडक़ों पर संघर्ष कर रही है।

जबकि पंजाब के सरकारी स्कूल और विद्यार्थी अध्यापकों को तरस रहे हैं। रुपिन्दर कौर

रूबी ने कहा कि दशहरे वाले दिन मोती-महल के सामने बेरोजगार अध्यापकों और पुलिस

मुलाजिमों के दरमियान हुई धक्का-मुक्की के दौरान महिला-अध्यापिका को महिला

पुलिस मुलाजिम की ओर से चोटी से पकड़ कर घसीटा गया, जिस की तस्वीरें मीडिया ने

दिखाई हैं, परन्तु बाद में दोषी मुलाजिमों पर कार्यवाही करने की बजाए बेरोजगार

अध्यापकों पर ही यह कहते हुए पर्चा दर्ज कर दिया कि बेरोजगार अध्यापकों ने धक्का-

मुक्की करते हुए एक पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ दी। रूबी ने बेरोजगार अध्यापिकाओं के

साथ हुई बदसलूकी के लिए मुख्य मंत्री के समक्ष पूरे औरत समाज से माफी मांगने की

मांग रखी है।


 

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