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असम में 501.40 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाला की जांच सीबीआई ने शुरू की

  • असम के केंद्रीय विद्यालय को बिहार का स्कूल बताया

  • अभियुक्तों में चार स्कूल हेडमास्टर भी शामिल

  • प्रारंभिक दौर में भी कुल 27 लोग गिरफ्तार

  • असम सरकार ने की थी जांच की अनुशंसा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम में 501.40 करोड़ रुपये का अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाला सीबीआई

केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंप दिया गया है और सीबीआई ने जांच शुरू कर दिया है । आज

यहां मीडिया को संबोधित करते हुए, असम अल्पसंख्यक विकास बोर्ड के अध्यक्ष मुमिनुल

ऐवल ने कहा, “मैंने इस साल सितंबर में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार

अब्बास नकवी को पत्र लिखकर असम में अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रवृत्ति घोटाले को

सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया था। 8 नवंबर, 2020 को नकवी ने घोटाले की जांच

सीबीआई को सौंप दी थी। असम के साथ-साथ बिहार, झारखंड और पंजाब में अल्प

संख्यक छात्रवृत्ति घोटाले भी सीबीआई को सौंप दिए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के

निर्देशानुसार केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सीबीआई को सौंप दिया

है । सीबीआई ने आज असम में 501.40 करोड़ अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रवृत्ति घोटाले

सारे डॉक्यूमेंट दिनभर अनुसंधान कर रहा है। अब तक 150 करोड़ रुपये के घोटाले का पता

चला है।लेकिन पुलिस का कहना है कि अभियुक्तों से पूछताछ के बाद ही असली रकम का

पता चलेगा। सीआईडी के आईजी सुरेंद्र कुमार बताते हैं, “छह लोगों को न्यायिक हिरासत

में भेजा गया है जबकि बाकी अभियुक्त चार दिनों की पुलिस रिमांड पर हैं। सीआईडी की

टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से तीन लैपटॉप के अलावा 217 छात्रों की तस्वीरें, स्कॉलरशिप

के लिए 173 आवेदन पत्र और 11 बैंक पासबुक भी जब्त किए गए हैं। इस मामले की जांच

कर रहे सीआईडी के एक अधिकारी बताते हैं कि गिरफ्तार लोगों में ग्राहक सेवा केंद्र के

तीन मालिक, 10 बिचौलिए, स्कूल प्रबंध समिति का एक अध्यक्ष और तीन इलेक्ट्रॉनिक

डाटा प्रोसेसरों के शामिल होने से पता चलता है कि यह घोटाला एक संगठित गिरोह के

जरिए अंजाम दिया जा रहा था।

असम में 501.40 करोड़ के इस घोटाले में संगठित गिरोह

केंद्रीय जांच ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब सीबीआई इन दस्तावेजों की

जाँच कर रही है तो यह सामने आया कि यह घोटाला असम के एक केंद्रीय विद्यालय को

बिहार का स्कूल कहकर किया गया था। इस घोटाले में असम के शिवसागर जिले के

नाजिरा स्थित एक केंद्रीय विद्यालय को तो बिहार का स्कूल बता दिया गया है। यही नहीं,

यह स्कूल बिहार के छह अलग-अलग जिलों की सूची में शामिल है। उक्त स्कूल के नाम

पर बिहार में 39 लाभार्थियों के नाम पर स्कॉलरशिप की रकम वसूली जा चुकी है। केंद्रीय

जांच ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, “जिन लोगों के नाम इस स्कूल के छात्र के

तौर पर दर्ज हैं, वे सब फर्जी हैं। असम के शिवसागर जिले के नाजिरा स्थित एक केंद्रीय

विद्यालय रजिस्टर में उन छात्रों के नाम ही नहीं हैं। लेकिन दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया

और पूर्वी चंपारण जिलों में रहने वाले छात्रों को इस केंद्रीय विद्यालय का छात्र बता कर

उनके नाम स्कॉलरशिप की रकम उठाई जा चुकी है।

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