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पच्चीस सौ करोड़ के सृजन घोटाले के आरोपी के घर चिपकाया इश्तेहार

दीपक नौरंगी

भागलपुर : पच्चीस सौ करोड़ से ज्यादा के सृजन संस्था द्वारा सरकारी राशि घोटाला मामले में

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की टीम ने मुख्य आरोपित अमित कुमार व रजनी

प्रिया के तिलकामांझी स्थित आवास पर सोमवार को दिन में 12:00 बजे कुर्की के लिए

इश्तेहार चिपकाया है।

इश्तेहार चिपकाने के लिए सीबीआई की टीम पटना से सीधे भागलपुर जिला के सबौर स्थित

कैंप कार्यालय से तिलकामांझी पहुंची थी।सीबीआई ने तिलकामांझी पुलिस के सहयोग से

अमित कुमार के घर पर इश्तेहार चिपकाया है।

तिलकामांझी वाले दोनों आलीशान मकान पर सीबीआई अधिकारी करीब एक घंटे से भी

अधिक रुके सीबीआई के दो अधिकारी और दो सिपाही और 2 महिला सिपाही सहित

छह सीबीआई के अधिकारी भागलपुर पहुंचे थे।

सृजन घोटाले के दोनों आरोपियों के विरुद्ध सीबीआई पटना की विशेष अदालत से कुछ दिन

पहले कुर्की के लिए इश्तेहार जारी किया गया था।

सूत्र बताते हैं कि सीबीआई टीम ने कई संपत्तियों का पता लगाया है, जिसकी जानकारी

इनकम टैक्स के अधिकारियों के द्वारा भी ली गई थी।

आवास पर सुरक्षा के लिए तैनात पांच होमगार्ड में से चार होमगार्ड पूर्णिया जिला के रहने

वाले तिलकामांझी थाना स्थित रजनी प्रिया के आवास पर कुल पांच होमगार्ड की तैनाती है।

सभी होमगार्ड ने बताया कि एक साल के दौरान सीबीआई के चार बार अधिकारी आए हैं

और सभी अधिकारी अलग-अलग आए हैं।

सभी सीबीआई अधिकारी ने होमगार्ड का परिचय लिया था और होमगार्ड कब तैनात हुए हैं।

इसकी जानकारी भी सीबीआई के अधिकारी के द्वारा ली गई है।

पच्चीस सौ करोड़ के घोटाले के अभियुक्तों के छह फ्लैट हैं

पच्चीस सौ करोड़ के इस सृजन घोटाले के रजनी प्रिया के दो आलीशान मकानों में एक आलीशान मकान में

कुल छह फ्लैट है, जिसमें पांच किराएदार रहते हैं 200 गज की दूरी में दो आलीशान इमारत है।

एक में किराएदार रामवृक्ष सहनी रहता है और दूसरी आलीशान इमारत में जो उसके कुछ दूरी में

है। उसमें कुल चार किराएदार रहते हैं। कैलाश प्रसाद, सुनील सिंह ,अमित सिंह, सौरभ कुमार ,

एक किराएदार सौरभ कुमार ने बताया कि हम लोग दूसरी जगह किराए का मकान देख रहे हैं

सीबीआई के अधिकारियों ने कहा है कि एक महीने अंदर आप मकान खाली कर दीजिए।

किरायेदारों ने यह भी बताया कि सीबीआई की टीम एक साल में कुल चार बार आ चुकी है

और एक बार इनकम टैक्स के अधिकारियों की टीम आकर पूरे मामले की जांच पड़ताल कर

गई है।

कौन है मुन्ना सिंह जो हर महीना वसूल रहा था

किरायेदारों ने बताया कि एक साल तक हम लोग किराया दे रहे थे।

मुन्ना सिंह नामक व्यक्ति जो अपने आपको अमित कुमार और रजनी प्रिया का करीबी

बताया करता था वह आकर किराया लेता था।

सन 2018 नवंबर तक सभी किरायेदारों में मुन्ना सिंह को सात हजार रुपए महीने के आधार पर कुल चार किरायेदारों ने प्रत्येक महीना 28000 मुन्ना सिंह को दिया है।

डेढ़ साल तक मुन्ना सिंह चारों किरायेदारों से किराए की रकम लेने के लिए पहुंच जाता था

लेकिन सीबीआई और इनकम टैक्स अधिकारी के कहने के बाद किरायेदारों ने किराए की रकम देना बंद कर दिया।

सवाल यह उठता है कि अमित कुमार और रजनी प्रिया का करीबी मुन्ना सिंह कौन है।

जिसको सीबीआई टीम जांच कर रही है। मुन्ना सिंह अठाईस हजार रुपया महीना मैं किराया

उठाता था सृजन घोटाले की जांच जब एसआईटी टीम कर रही थी उसके बाद भी लगातार

किरायेदारों से मुन्ना सिंह किराए की रकम लेता था।

घोटाले मामले में दोनों अब तक फरार हैं।

घटना की मास्टरमाइंड और अमित की मां मनोरमा देवी की मौत, घोटाला उजागर होने से पहले

ही हो गई है।जिस मकान में इश्तेहार चिपकाया गया है, वहां मनोरमा अपने बेटे अमित कुमार

और बहू प्रिया कुमार के साथ रहती थीं।

मकान को सीबीआई ने घोटाला उजगार होने के बाद केस अपने हाथ मे लेते ही सील कर दिया था।

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