fbpx Press "Enter" to skip to content

राहुल के खिलाफ बगावत की तैयारी का एलान था जम्मू की बैठक




  • पार्टी के 23 नेताओं ने तत्काल फैसले की मांग कर दी

  • यह आग काफी समय से सुलह रही थी अंदर ही अंदर

  • गुलाम नबी आजाद के साथ व्यवहार के खिन्न हैं लोग

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राहुल के खिलाफ अंदर ही अंदर उबल रही नाराजगी आज फिर सार्वजनिक हो

गयी। राहुल गांधी की पार्टी टाइम राजनीति पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पहले ही

नाराजगी जता चुके थे। इन नेताओं ने आज जम्मू में बैठक कर अपनी नाराजगी का

सार्वजनिक एलान भी कर दिया। इन नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से तत्काल फैसला लेने और

संगठन मे बदलाव करने की मांग की थी। अंदरखाने से यह सूचना भी आयी है कि

दरअसल अनेक नेता गुलाम नबी आजाद के साथ पार्टी नेतृत्व के बदलाव से भी काफी

नाराज है। बीते साल अगस्त में कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने वाले जी

23 समूह के कुछ नेता एक बार फिर जम्मू में इकट्ठे हुए।। शनिवार को आयोजित शांति

सम्मेलन में पार्टी के गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल समेत कई बडे़ नेताओं ने कांग्रेस

को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। खास बात है कि बीते साल इन नेताओं ने

पार्टी नेतृत्व से तत्काल फैसले लेने और संगठनात्मक तौर पर बदलाव करने की मांग की

थी। साथ ही सूत्र बताते हैं कि इस कार्यक्रम में शामिल लोग राज्यसभा से रिटायर हुए नेता

आजाद के साथ हुए व्यवहार से नाराज हैं

जम्मू में आयोजित शांति सम्मेलन में आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, हरियाणा के पूर्व

मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, विवेक तन्खा और राज बब्बर जैसे कई कांग्रेसी दिग्गजों ने

शिरकत की। शर्मा ने खुले शब्दों में कह दिया है कि कोई हमें नहीं बता सकता कि हम

कांग्रेसी हैं या नहीं। उन्होंने कहा जो कांग्रेस मे हैं महात्मा गांधी के सोच को मानते हैं, उनके

अंदर हिम्मत ना हो सच बोलने की ये कैसे हो सकता है।

राहुल के खिलाफ बोलने वालों ने कहा कांग्रेस कमजोर हुई है

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक मे कांग्रेस कमजोर हुई है, हम नहीं चाहते ज्यों-ज्यों

हमारी उम्र बढे़ हम कांग्रेस को कमजोर देखें, हममें से कोई उपर से नहीं आया, खिड़की

दरवाजे से नहीं आया-हम छात्र आंदोलन से आये, ये अधिकार हमने किसी को नहीं दिया

कि हमे बताये कि हम कांग्रेसी हैं या नहीं हैं। माना जा रहा है कि कार्यक्रम में शामिल होने

वाले नेता गुलाम नबी आजाद के साथ हुए बर्ताव से खासे नाराज हैं। वरिष्ठ नेता और

वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कांग्रेस पार्टी गुलाम नबी

आजाद के अनुभव का उपयोग क्यों नहीं कर रही। वहीं, तिवारी ने बताया कि वे सब यहां

ग्लोबल फैमिली के बुलावे पर जम्मू में इकट्ठे हुए हैं। अभिनेता से राजनेता बने राज बब्बर

ने कहा लोग कहते है जी-23, मैं कहता हूं गांधी 23, जी-23 कांग्रेस की भलाई चाहती है,

आजाद साहब की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है आधी भी नहीं हुई है।

आजाद ने कहा पहली बार संसंद से रिटायर नहीं हुआ

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा “आज कई बरसों बाद हम राज्य

का हिस्सा नहीं हैं, हमारी पहचान खत्म हो गई है। राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए

हमारी संसद के अंदर और बाहर लड़ाई जारी रहेगी। जब तब यहां चुने हुए नुमाइंदे मंत्री

और मुख्यमंत्री नहीं होंगे बेरोज़गारी, सड़कों और स्कूलों की ये हालत जारी रहेगी।” आजाद

ने कहा “मैं राज्यसभा से रिटायर हुआ हूं, राजनीति से रिटायर नहीं हुआ और मैं संसद से

पहली बार रिटायर नहीं हुआ हूं।” खास बात है कि कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी ने

दरकिनार करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे को विपक्षी का नेता बनाया है। पार्टी नेतृत्व के इस

फैसले के चलते G-23 के नेताओं की नाराजगी और बढ़ गई है।



Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from जम्मू कश्मीरMore posts in जम्मू कश्मीर »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from देशMore posts in देश »

Be First to Comment

... ... ...
%d bloggers like this: