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भारत ने विश्व व्यापार में बहुस्तरीय प्रणाली की जोरदार वकालत की




नयी दिल्लीः भारत ने विश्व व्यापार के लिए बहु स्तरीय प्रणाली की पुरजोर वकालत करते हुए

मंगलवार को कहा कि विकासशील देशों में रहने वाले सात अरब 30 करोड़ लोगों को

विकास के फायदों से वंचित नहीं किया जा सकता।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने यहां विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की

मंत्रिस्तीय बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि

विकासशील देशों को विकास के लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।

इन देशों में रहने वाले सात अरब 30 करोड़ लोगों को भी विकास के लाभ अवश्य मिलने चाहिए।

डब्ल्यूटीओ के माध्यम से होने वाले व्यापार से इन देशों का विकास होता है।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रयासों से सभी विकासशील देशों को लाभ पहुंचेगा।

श्री प्रभु ने कहा कि बहुस्तरीय व्यापार प्रणाली का संरक्षण करना सभी सदस्य देशों का कर्तव्य है।

इस संस्थान को मजबूत करने के लिए सभी देशों को एकजुट होकर एक साथ आना होगा।

भारत ने विश्व व्यापार के संदर्भ में कहा कि बहु स्तरीय व्यापार प्रणाली के मुख्य तत्व समानता,

पारदर्शिता, सहमति से निर्णय और विकास के प्रति प्रतिबद्धता जरुरी है।

इनका संरक्षण करना आवश्यक होगा। इससे पहले बैठक में शामिल होने वाले नेताओं और

अधिकारियों को कल रात दिये भोज में श्री प्रभु ने कहा कि विश्व व्यापार में

संरक्षणवाद बढ रहा है जिसके कारण व्यापारिक तनाव में इजाफा हो रहा है।

इससे निपटने के लिए बहुस्तरीय व्यापार प्रणाली की जरुरत है।



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